फिट रहना है तो अपनाएं ये TIPS

खुद को फिट रखने के लिए ज़रूरी है अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव. अगर आप सही लाइफस्टाइल अपनाते हैं, तो उम्र का आपकी सेहत और चेहरे की चमक पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा. चेहरा चमकाने या चर्बी घटाने के लिए आजकल लोग क्या कुछ नहीं कर रहे. कॉस्मेटिक से लेकर वजन कम करने की दवाओं पर हजारों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, बावजूद परिणाम उम्मीदों के अनुरूप नहीं निकलते. इस वजह से कई बार लोग अवसाद में चले जाते हैं, जहां से बाहर निकलना और भी मुश्किल होता है. इसलिए ज़रूरी है आप अपनी लाइफस्टाइल में अभी से बदलाव लाएं.


वॉक ज़रूरी
सुबह-सुबह टहलना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है, वैसे यदि आप रात को डिनर के बाद भी कुछ देर टहल सकते हैं तो फिर क्या कहने. टहलने से न केवल हम हेल्थी रहते हैं, बल्कि जोड़ों में दर्द की समस्या भी नहीं होती. इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑबीसिटी के अनुसार, रोजाना कम से कम 1500 कदम चलने से वजन दुरुस्त रखने और कमर को पतला रखने में मदद मिलती है, साथ ही हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम रहता है. अगर संभव हो तो आपको कम से कम 40 मिनट टहलना चाहिए.

नो डाइटिंग
अगर आप हाउसवाइफ हैं तो कोशिश करें कि आपके काम में फिजिकल एक्सरसाइज भी शामिल हो. क्योंकि आजकल बाई के बिना घर का काम ही नहीं चलता. बगैर फिजिकल एक्सरसाइज के आपके शरीर से चर्बी कम होने वाली नहीं है, भले ही आप कितनी भी डाइटिंग क्यों न कर लें. वैसे भी डाइटिंग समस्या का हल नहीं है. इससे आप अंदरूनी तौर पर कमजोर हो जायेंगी, जो आगे चलकर आपके लिए भी नुकसानदेह है.

लिक्विड सोप इस्तेमाल करते हैं तो सावधान!

अगर आप साबुन और पानी से हाथ धोने के बजाए हैंड जैल को तवज्जो देते हैं, तो आप गलती कर रहे हैं. कुछ शोध में यह पाया गया है कि हैंड जैल न केवल सभी जीवाणुओं से लड़ने में कारगर नहीं है बल्कि ये आपकी सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकता है. लिक्विड सोप या हैंड जैल आजकल बहुत लोकप्रिय हैं. ज़्यादातर लोगों ने सामान्य साबुन से हाथ धोने की आदत को कब का छोड़ दिया है.

एक हैंड जैल में 60 फीसदी एल्कोहल होता है. इसके ज्यादा इस्तेमाल से रोगाणु जल्दी ख़त्म हो जाते हैं, लेकिन इसके नुकसान भी हैं. बीबीसी एक खबर के अनुसार हैंड जैल की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आपके हाथों में मिट्टी की मौजूदगी कितनी है. कुछ रोगाणु जैसे कि न्यूरोवायरस और सी. डिफिसाइल पर हैंड जैल ज्यादा प्रभावी नहीं होते. इसके मुकाबले पानी और साबुन से हाथ धोना अधिक असरदार होता है.

क्या नुकसान
कई शोधों के मुताबिक, हैंड जैल में ट्राइकोल्सन होता है, जो आपके हार्मोन में गड़बड़ी पैदा करता है. यहां तक कि इससे जीवाणु प्रतिरोधी क्षमता भी प्रभावित होती है. ट्राइकोल्सन के कारण पेट संबंधी समस्या भी बनी रहती हैं.

इस हसीना की खूबसूरती का राज है शेविंग!

क्या आप विश्वास करेंगे कि शेविंग करने से लड़कियों की खूबसूरती में निखार आता है? यदि नहीं, तो दुबई में रहने वालीं 32 वर्षीय कैप्टन हुडा को देख लीजिए। शायद आपको विश्वास होने लगे। हुडा एक ब्यूटी एक्सपर्ट हैं, और वो हर रोज लड़कों के रेजर से शेविंग करती हैं। उनका कहना है कि ग्लोइंग स्किन पाने के लिए लड़कियां शेव कर सकती हैं। शेविंग करने से हमारा रियल फेस दिखता है। सोशल मीडिया पर हुड्डा के 12.8 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वो कहती हैं कि शेविंग करने में कोई बुराई नहीं है।

ऐसा तो नहीं
शेविंग के लिए कैप्टन पूरे चेहरे पर क्रीम नहीं लगातीं, चुनिंदा जगह क्रीम लगाकर वो लड़कों की तरह ही रेजर से उसे साफ कर देती हैं। उनका कहना है कि शेव किए गए चेहरे पर मेकअप करने से चेहरा निखरकर आता है। आमतौर पर माना जाता है कि शेविंग से बाल अधिक कड़े हो जाते हैं, लेकिन कैप्टर के अनुसार ऐसा कुछ नहीं होता। लड़कियां इससे अपनी खूबसूरती निखार सकती हैं।

गर्म पानी से नहाते हैं, यह जरूर पढ़ें

अगर आपको ज्यादा गर्म पानी से नहाने की आदत है तो सावधान हो जाएं। ऐसा न हो कि कुछ देर की राहत आपकी सेहत पर भारी पड़ने लगे। ठंड के मौसम में अधिकांश लोग गर्म पानी से नहाना शुरू कर देते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं, जिन्हें पूरे साल गर्म पानी की hot waterजरूरत पड़ती है। गर्म पानी से नहाने से ठंड तो कम लगती ही है बॉडी भी रिलेक्स महसूस करती है। लेकिन बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि गर्म पानी से नहाने के नुकसान भी कम नहीं हैं। कई शोधों में यह बात सामने आ चुकी है कि गर्म पानी से नहाने से ऊपरी सतह पर मौजूद ऑयली परत हट जाती है और त्वचा काफी सूखी बन जाती है। जो शरीर के लिए नुकसानदायक है। दरअसल, ऑयली परत हटने से त्वचा में दूसरे संक्रमण समाहित हो जाते हैं।

कई नुकसान
इतना ही नहीं, कई बार चेहरे और होंठों पर सूजन भी आ जाती है। गर्म पानी से बालों को भी नुकसान पहुंचता है, वे सूख जाते हैं और दोमुंहे होकर टूटने लगते हैं। बात केवल बालों तक ही सीमित नहीं है, ज्यादा गर्म पानी से नहाने वालों को हार्ट अटैक पड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए यदि आप इन खतरों से बचना चाहते हैं तो ज्यादा गर्म पानी के बजाए कुनकुने पानी से नहाएं।

इस होटल में गए तो तलाक पक्का!

किसी होटल के शुभ अशुभ की बातें तो आपने बहुत सुनी होंगी, लेकिन क्या आप ऐसे होटल के बारे में जानते हैं, जहां ठहरने वाले जोड़ों की राहें हमेशा के लिए जुदा हो जाती हैं? शायद नहीं। चलिए हम आपको बताते हैं नीदरलैंड स्थित होटल कार्ल्टन एम्बैस्डर के बारे में जो तलाक के लिए मशहूर है। इस होटल में ठहरने वाले दंपत्ति फिर शायद ही कभी पति पत्नी के रूप में किसी रोमांटिक यात्रा पर जाते हों। यहां से चेकआउट करते ही, वो अपने शादीशुदा रिश्ते से आउट हो जाते हैं। सुंदर नजारों से घिरा ये होटल अब तक अनगिनत तलाक का गवाह बन चुका है। दरअसल, यहां जोड़े तलाक के लिए ही आते हैं। वो कपल्स जो एक दूसरे से अलग होना चाहते हैं, इस होटल का रुख करते हैं। यहां वकील और काउंसलर मौजूद रहते हैं, जो पति पत्नी को रिश्ता निभाने की समझाइश देते हैं। लेकिन यदि उन पर समझाइश का कोई असर नहीं होता, तो तलाक पर मुहर लग जाती है। कपल्स को यहां कुछ दिन ठहरकर अपने फैसले पर दोबारा सोचने का मौका दिया जाता है।         
ऐलोवेरा के साइड इफेक्ट जानते हैं?

ऐलोवेरा को काफी गुणकारी माना जाता है। खासतौर पर खूबसूरती निखारने के लिए इसका सर्वाधिक इस्तेमाल होता है। यही वजह है अधिकर लोग अपने घर में एलोवेरा रखते हैं, लेकिन क्या आप इसके साइड इफेक्ट के बारे में जानते हैं? यदि नही ंतो इस्तेमाल से पहले एक बार उन्हें जानना बेहद जरूरी है।

aloe-veraकमजोरीः अगर ऐलोवेरा का जरूरत से ज्यादा सेवन किया जाए, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। इससे शरीर का पोटैशियम स्तर घट जाता है। नतीजतन दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और आपको कमजोरी आ सकती है। इसलिए ऐलोवेरा का सेवन नियमित मात्रा में किया जाना चाहिए।

पेट खराबः ऐलोवेरा में लैक्सेटिव एंथ्राक्चिनोन आदि तत्व होते हैं। यदि इनका ज्यादा मात्रा में सेवन किया गया, तो पेट खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। सबसे जरूरी बात, अगर आप इरेटेबल बोवेल सिंड्रोम या गैस की समस्या से पीडि़त हैं, तो कभी भी ऐलोवेरा का सेवन न करें।

गर्भपात संभवः ऐलोवेरा के अत्याधिक सेवन से गर्भपात का खतरा भी पैदा हो सकता है। साथ ही बच्चे में जन्म दोष की आशंका भी बनी रहती है। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इससे बचना चाहिए। 12 साल से छोटे बच्चों के लिए भी ऐलोवेरा के सेवन को अच्छा नहीं माना जाता।

दवा बेअसरः ऐलोवेरा में लैक्सेटिव मौजूद होता है, जो शरीर में कुछ दवाओं को अवषोषित होने से रोक सकता है। लिहाजा यदि आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो ऐलोवेरा के इस्तेमाल से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। अन्यथा आपको परेशानी उठानी पड़ सकती हैं।

Source: onlymyhealth

बड़े काम के हैं ये 5 पौधे

प्रकृति ने हमें बीमारियों से लड़ने के लिए काफी कुछ दिया। कई ऐसे पौधे हैं, जिनकी पत्तियों का सेवन हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। आज हम आपको ऐसे ही 5 पौधों के बारे में बताएंगे, जिनका नियमित इस्तेमाल बीमारियों को हमारे पास भी नहीं फटकने देगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इन पौधों को आप घर में ही उगा सकते हैं।

5करी पत्ताः करी पत्ता आयरन से भरपूर है और इसमें फॉलिक ऐसिड भी होता है। आयरन जहां हमारे शरीर के लिए प्रमुख पोषक तत्व का काम करता है, वहीं फॉलिक ऐसिड इसके अवशोषण में सहायक होता है। इस कारण है कि करी पत्ता अनीमिया से बचाव में कारगर।
जराकुशः ये हरे और पीले रंग की घास होती है। गर्म होने के चलते जराकुश पथरी को तोड़ती है। इसे चाय में डालकर पीने से बुखार होने की आशंका कम रहती है। साथ ही यदि इसे चबाया जाता है तो दांत मजबूत होते हैं।

पुदीनाः पुदीन की पत्तियां उन लोगों के लिए बहुत कारगर हैं, जिन्हें पेट संबंधी परेशानी रहती है। यदि आप इसकी पत्तियों को खाने में शामिल करें तो पाचन शक्ति मजबूत होती है। साथ ही यह पेट की गर्मी को भी दूर करता है।
धनियाः धनिया मधुमेह नियंत्रित करने में सहायक होता है। इसमें विटामिन डी पाया जाता है। इतना ही नहीं धनिए की डंडी खाने से थायरॉइड को भी कंट्रोल किया जा सकता है।

तुलसीः तुलसी के गुणों से तो हम सभी परिचित हैं। हिंदू धर्म में तुलसी की पूजा भी की जाती है। जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां कीटाणु नहीं आते। साथ ही इसकी महक में मौजूद एस्ट्रोन हमारे मानसिक संतुलन को बनाए रखते हैं।

अनार के छिलकों के 7 फायदे

अनार खाना सेहत के लिए फायदेमंद है, ये तो हम सब जानते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि pomegranate का छिलका भी उसके दानों की तरह ही गुणकारी होता है? आज हम आपको बताने जा रहे हैं अनाज के छिलकों के ऐसे 7 फायदों के बारे में जो बिमारियों में बेहद कारगर होते हैं:

pomegranateअगर खराश सताए
गला खराब होना आज सबसे आम समस्या बन गई है। कुछ लोग तो इससे इतने पीडि़त रहते हैं कि उन्हें थंडा खाने-पीने में भी डर लगता है। ऐसे लोगों के लिए अनाज के छुलके रामबाण हैं। आपको बस ये करना है कि अनाज के छिलके के पावडर को थोड़े से पानी में उबालें। फिर उसे छानकर, ठंडा होने के बाद गरारे करें। दिन में तीन-चार बार ऐसा करने से खराश के साथ ही टॉन्सिल भी अपना रास्ता बदल लेंगे।

दिल को रखे तंदुरुस्त
अनाज के छिलके दिल के लिए भी काफी अच्छे हैं। इनमें काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो दिल की बीमारी से बचाता है। इतना ही नहीं अनार के छिलके कॉलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करते हैं। एक चम्मच अनार के छिलके का पावडर लेकर गर्म पानी में मिलाकर रोजाना पीने से फायदा जरूर होगा।

मुंहासे मुंह नहीं दिखाएंगे
मुंहासे हर किसी को परेशान करते हैं। फिर चाहे वो लड़ का हो या लड़ की, अगर आप भी इसका सामना कर रहे हैं तो अनार के छिलके आपके मददगार हो सकते हैं। आपको बस इतना करना है कि छिलकों को सुखाकर भून लें और ठंड होने पर पीसकर चेहरे पर लगाएं। कुछ ही दिनों में आपको फायदा नजर आने लगेगा। इतना ही नहीं, इसके पावडर को गुलाब जल में मिलाकर लगाने से झुर्रियों से भी राहत मिल सकती है।

मुंह की बदबू भगाए
अनार के छिलके आपके मुंह की बदबू भगाने के काम भी आते हैं। एक गिलास पानी में सूखे छिलके का पावडर मिलाकर उससे दिन में दो-तीन बार कुल्ला करें। मुंह से बदबू आना बंद हो जाएगी। साथ ही अगर इसे काली मिर्च के पावडर के साथ मिलाकर मसूड़ों पर लगाया जाए, तो वो मजबूत बन जाते हैं।

हड्डियां करे मजबूत
अनार के छिलकों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेंट्री गुण होते हैं, जो हड्डियां मजबूत बनाते हैं। अगर रात में सोने से पहले छिलकों के पावडर को पानी में मिलाकर पिया जाए तो, हड्डियों के लिए काफी लाभकारी रहता है। अगर आपको इसका टेस्ट पसंद नहीं आ रहा, तो आप उसमें नींबू और नमक भी मिला सकते हैं।

खोले बंद दरवाजे
बवसीर कितनी दुखदाई होती है, ये सिर्फ वही बता सकता है जो इससे गुजर रहा है। अनार के छिलके बवासीर के दर्द से निजाद दिलाने में भी कारगर हैं। 10 ग्राम अनार के छिलके का चूर्ण बनाकर, उसे 100 ग्राम दही के साथ खाने से बवासीर ठीक हो जाता है। अगर आप चाहें तो पूर्ण को पानी के साथ भी ले सकते हैं। इसका दिन में दो बार सेवन जल्दी फायदा देता है।

धूप से बचाए
अनार के छिलके सनस्क्रीन का भी काम करते हैं। छिलकों को सुखाने के बाद आप उसे पीस लें। फिर किसी भी तेल के साथ मिलाकर उसे चेहरे पर लगाएं। इससे सन टैनिंग नहीं होगी।

Heart Beat पर रखें नजर

दिल की धडक़न सामान्य नहीं है। यानी एकदम ही तेज या धीमे हो जाती है, तो आप खतरे में है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस खतरे का शिकार ज्यादा हो सकती हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि जिन महिलाओं को एट्रियल फाइब्रिलेशन (एएफ) की बीमारी थी, उनमें पुरुषों की तुलना में दिल का दौराwoman-clutching-heart पडऩे की आशंका दोगुनी थी। साथ ही यह भी पाया गया कि एट्रियल फाइब्रिलेशन की दवा का असर महिलाओं पर देरी से होता है। ब्रिटेन में 10 लाख से ज्यादा लोगा एट्रियल फाइब्रिलेशन पीडि़त हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कभी-कभी Heart Beat कम या ज्यादा होना खास चिंता का विषय नहीं है। पर यदि ऐसा बार-बार होता है यह गंभीर विषय है। आपको बिना देरी के डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। संभव है कि आपके दिल की धडक़न एकदम काफी तेज हो जाए। इस स्थिति में आपको चक्कर आ सकते हैं या दम फूल सकता है। इस बीमारी का इलाज है, इसलिए अगर आप ऐसा महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। डॉक्टरों का ये भी कहना है कि बिगड़ती लाइफ स्टाइल के चलते भी दिल संबंधी बीमारियां लोगों को जकड़ रही हैं।

Diabetes: ये टेस्ट जरूर कराएं

डायबिटीज आज एक आम बीमारी हो गई है। खराब लाइफस्टाइल के चलते युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि हम समय-समय पर Diabetes की जांच करवाते रहें। ध्यान रखें कि इसे नजरअंदाज करना आगे चलकर काफी भारी पड़ सकता है। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ टेस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं।

ब्लड प्रेशर
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर का काफी गहरा नाता होता है। अगर किसी को इनमें से कोई एक बीमारी है तो दूसरी के होने की आशंका अधिक रहती है। एक सर्वेक्षण में यह पाया गया था कि डायबिटीज के मरीज लंबे समय के बाद हाई ब्लड प्रेशर के पीडि़त हो जाते हैं। लिहाजा समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करते रहें।diab

ग्लाइकेटिड हीमोग्लोबिन
इसे एक तरह का ब्लड टेस्ट कहा जा सकता है। इसमें पिछले 2-3 महीने की डायबिटीज की जानकारी मिल जाती है। जो डायबिटीज के इलाज के लिए बेहद जरूरी है। डॉक्टर आपको कोई भी दवा देने से पहले यह टेस्ट कराने के लिए जरूर कहेगा। जानकार इस टेस्ट को तीन महीनों में एक बार कराने की सलाह देते हैं।

आई टेस्ट
डायबिटीज का आंखों से भी रिश्ता होता है। आमतौर पर देखा गया है कि डायबिटीज से पीडि़त व्यक्ति की आंखें कमजोर हो जाती हैं। डायबिटीज की वजह से आंखों में होने वाली बीमारी को आई रेटीनोपैथी कहा जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि पीडि़त को साल में एक या दो बार अपनी आंखों की जांच जरूर करवाई चाहिए।

एमसीआर टेस्ट
एलब्यूमिनूरिया-2 क्रिएटिनाइन टेस्ट किडनी की सेहत का पता लगाने के लिए किया जाता है। डायबिटीज शरीर के कई अंगों को प्रभावित करती है, जिसमें किडनी भी शामिल है। इसके चलते उच्च रक्तचाप के साथ ही खून की कमी जैसी समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं। लिहाजा डायबिटीज पीडि़तों को साल में एक बार यह टेस्ट अवश्य करना चाहिए।