व्हाट्स एप पर अफसरों की खबर ले रहे लोहानी

  • गैंगमैन के मुद्दे पर हर रोज़ मांगा जा रहा अपडेट

रेलवे बोर्ड की कमान संभालने वाले अश्विन लोहानी उन अफसरों में शुमार हैं, जिन्हें आदेश की तामील कराना बखूबी आता है. पदभार ग्रहण करने के साथ ही लोहानी ने अधिकारियों के घरों में चाकरी कर रहे रेलकर्मियों को उनकी सही जगह भेजने के निर्देश दिए थे. तब से अब तक इस मामले में कितनी प्रगति हुई है, लोहानी इस पर स्वयं नज़र रखे हुए हैं. इतना ही नहीं उन्होंने सभी महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों का एक व्हाट्स एप ग्रुप भी तैयार किया गया है. जिस पर इस बारे में रोजाना अपडेट लिया जाता है. लोहानी ने रेल अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि वीआईपी संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

सूत्रों के मुताबिक, लोहानी ने व्हाट्स एप ग्रुप ख़ासतौर पर इसलिए तैयार किया है, ताकि अफसरों के घरों से कर्मचारियों को निकालने के काम में तेज़ी लाई जा सके. सभी महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों से रोजाना इस बारे में जानकारी देने को कहा गया कि किस विभाग से कितने कर्मचारियों को उनकी यूनिट वापस भेजा गया.

समय के पाबंद हुए अधिकारी
अश्विन लोहानी के चेयरमैन बनते कि समय पर कार्यालय पहुंचने वाले अधिकारियों की संख्या बढ़ गई है. इसके साथ ही लंच के बहाने घंटों दफ्तर से बाहर रहने वाले रेलकर्मी भी समय के पाबंद हो गए हैं. पुणे मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आसपास रहने वाले अधिकांश अफसर लंच करने घर जाते हैं. पहले वो घंटों बाद वापस लौटते थे, लेकिन अब लंच टाइम समाप्त होते ही वापस आ जाते हैं.

क्या प्यार भी नेताओं से पूछकर करना होगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही आपसी सौहार्द की बातें करें, लेकिन उनके नेता जाति-धर्म के नाम पर नफरत फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं. उत्तर प्रदेश में भाजपा नेता संगीता वार्ष्णेय ने महज इसलिए सरेआम लड़की की पिटाई कर दी, क्योंकि उसने मुस्लिम युवक से प्यार करने का गुनाह किया. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर वार्ष्णेय की जमकर आलोचना हो रही है. लोग ये पूछने लगे हैं कि क्या उत्तर प्रदेश में प्यार भी भाजपा नेताओं से पूछकर करना होगा?

ख़बरों के मुताबिक, हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने अलीगढ़ में उक्त लड़की को एक मुस्लिम युवक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया. इसके बाद दोनों को पकड़कर थाने लाया गया. जब लड़की ने यह स्वीकार किया कि वो मुस्लिम युवक से प्यार करती है, तो वहां मौजूद भाजपा नेता का गुस्सा फुट पड़ा. वो लड़की को एक के बाद एक थप्पड़ जड़ती चली गईं. संगीता वार्ष्णेय तो यहां तक कह गईं कि एक ख़ास समुदाय पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

जब मारूंगी न कस-कस के तो सब मालूम पड़ जाएगी. तुझे शर्म नहीं है, तू इतनी बड़ी हो गई. तुझे इतनी समझ नहीं है कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान है? – संगीता वार्ष्णेय

मुफलिसी में दिन गुज़ार रहे ये क्रिकेट सितारे

क्रिकेट की दुनिया चकाचौंध से भरपूर है, यहां पैसे की कोई कमी नहीं है. एक बार जिसने नाम कमा लिया, लक्ष्मी की मेहरबानी उस पर अपने आप होने लगती है. रिटायरमेंट के बाद भी कोच बनकर या कमेंट्री आदि माध्यम से cricketer अच्छी खासी रकम कमा लेते हैं. लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जो क्रिकेट की दुनिया में शौहरत हासिल करने के बावजूद आज मुफलिसी में जीवन गुजार रहे हैं.
cricketerऑलराउंडर क्रिस केन्स
न्यूज़ीलैण्ड टीम के सबसे शानदार ऑलराउंडर माने जाने वाले क्रिस केन्स 62 टेस्ट और 215 वनडे खेले और क्रमश: 3320 और 4950 रन बनाए. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर केन्स ने अपनी एक अलग ही पहचान स्थापित की थी. 2006 में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास किया और 2013 में आईसीएल में भाग लिया. लेकिन यहां उन पर फिक्सिंग के आरोप लगे, उसके बाद वो एकदम से गायब हो गए. 2014 में उन्हें ऑकलैंड में बस अड्डा साफ़ करते हुए पाया गया.

ऑलराउंडर क्रिस हैरिस
ऑलराउंडर क्रिस हैरिस 90 के दशक में न्यूज़ीलैण्ड टीम का अहम हिस्सा थे. उन्होंने 23 टेस्ट और 250 वनडे खेले जिसमें 5519 रन बनाए एवं 218 विकेट लिए. 2004 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. बाद में जीवन गुजारने के लिए वो ऑस्ट्रेलियाई कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बन गए.

गेंदबाज़ अरशद खान
पाकिस्तानी गेंदबाज़ अरशद खान ने 9 टेस्ट और 58 वनडे खेले और क्रमश: 31 एवं 133 विकेट लिए. खान 1999 में पाकिस्तान की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने श्रीलंका के खिलाफ एशिया टेस्ट चैंपियनशिप जीती थी. 2006 में रिटायरमेंट के बाद खान को जीवन जीने के लिए वो सबकुछ करना पड़ा, जिसके बारे में कोई क्रिकेटर कभी सोच भी नहीं सकता. 2015 में खबर आई कि अरशद ऑस्ट्रेलिया में बतौर कैब ड्राइवर काम कर रहे हैं.

गेंदबाज़ हेनरी ओलांगा
90 के दशक में जिम्बाब्वे के इस तेज़ गेंदबाज़ का खौफ था. दिग्गज खिलाड़ी भी इसके सामने खेलने से डरते थे. ओलांगा ने 30 टेस्ट और 50 वनडे खेले, जिसमें क्रमश: 68 और 58 विकेट लिए. 2003 के विश्व कप में उन्होंने और एंडी फ्लावर ने जिम्बाब्वे सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हाथ पर काली पट्टी बाँधी थी. इसके बाद दबाव के चलते दोनों देश छोड़कर इंग्लैंड चले गए. 2007 में एंडी तो इंग्लैंड टीम के कोच बन गए, लेकिन ओलांगा कुछ ख़ास नहीं कर सके. बाद में उन्होंने म्यूजिक में हाथ आजमाया.

इनकी हिंदी देखकर आप भी शरमा जाएंगे

अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी जैसे हिंदी प्रेमियों की पार्टी भाजपा में ऐसे नेताओं की भी कमी नहीं है, जो अपने हिंदी के ज्ञान से अर्थ का अनर्थ कर रहे हैं. अब पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी को ही देख लीजिए. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जिन शब्दों में स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत का प्रचार किया, उसे देखकर हिंदी को भी शर्म आ जाएगी. ये तस्वीर आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

सांसद और वकील मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से बॉटनी से बीएससी, दिल्ली विश्वविद्यालय से एल.एल.बी किया है. ये तस्वीर तब की है जब मंगलवार 27 जून को लेखी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड की तरफ से दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची. इस कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी, सांसद उदित राज आदि भी मौजूद थे.

Source: Social Media

Video: इसे कहते हैं ड्यूटी निभाना

वाकया भोपाल है का. शासन के आदेश है कि सभी दुकानें रात 11 बजे तक बंद हो जाएं. जब बापू की कुटिया नामक रेस्तरां 11 बजे के बाद भी खुला देखा तो एक सब इंस्पेक्टर उसे बंद कराने पहुंच गया. रेस्तरां ने मालिक ने उसके सीनियर अधिकारी को फ़ोन लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन वो असफल रहा. फिर आगे क्या हुआ आप Video में ही देख लीजिये.

क्रिकेट की यह तस्वीरें आपको रोमांचित कर देंगी

सचिन जब आखिरी बार बैटिंग करने उतरे तो लोगों का रिएक्शन ऐसा था.

टी-20 में युवराज द्वारा एक ही ओवर में लगाए गए 6 छक्के.

कोई क्रिकेट प्रेमी इसे कैसे भुला सकता है.

एक इनिंग में 10 विकेट लेने की ख़ुशी में झूमते कुंबले.

जब 1983 में भारत विश्व विजेता बना.

1983 में कुछ ऐसे आती थी ड्रिंक्स.

शायद आप न जानते हों कि डेविड शेपर्ड किसी टीम का स्कोर 111 होने पर तीन बार उछलते थे.

जब डेनिस लिली को मारने चल पड़े थे जावेद मियांदाद.

वर्ल्ड कप में धोनी ला लगाया गया विजयी छक्का.

सर डॉन ब्रैडमैन अपने आखिरी मैच में 0 पर आउट हो गए थे, जिसके चलते उनका औसत 99.94 रह गया.

क्रिकेट में ऐसा बिरले ही देखने को मिलता है जब क्रीज़ पर चार बल्लेबाज़ हों. वेस्टइंडीज़ के दोनों बल्लेबाज़ चोटिल थे इसलिए दोनों के पास रनर्स थे.

जब मैदान पर ही युवराज ने सचिन के पैर छुए.

टोनी ग्रेग को कुछ इस तरह याद किया गया.

एक हाथ टूटा होने के बावजूद मैलकम मार्शल बल्लेबाज़ी करने उतरे थे.

1992 में जोंटी रोड्स द्वारा कुछ इस अंदाज़ में इंजमाम को आउट किया गया था.

1996 वर्ल्ड कप के इस क्वार्टर फाइनल को कोई नहीं भुला सकता. आमिर सोहेल ने प्रसाद को बैट दिखाया तो अगली ही गेंद पर प्रसाद ने उसे बोल्ड कर दिया.

डेनिस लिली की स्विंग का जादू, उस ज़माने में 9 स्लिप लगती थीं.

मधुमक्खियों के हमले से बचने की कोशिश.

 

 

ऐसा क्या हुआ कि जज को जेल भेजना पड़ा?

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सी एस करनन (CS Karnan) को  6 महीने कैद की सजा सुनाई है. भारत के इतिहास में यह पहला मामला है जब किसी वर्तमान जज के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई की गई है. कोर्ट ने जस्टिस करनन को अवमानना का दोषी करार दिया है. आखिर उन्होंने ऐसा क्या किया था? आइए विस्तार से समझते हैं.

जस्टिस करनन और सुप्रीम कोर्ट के बीच विवाद की शुरुआत पिछले महीने तब हुई, जब उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर शीर्ष न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. जस्टिस करनन ने इस संबंध में पीएम को 20 जजों की सूची दी. जब जस्टिस करनन की चिट्ठियों का सिलसिला बढ़ने लगा तो सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: सज्ञान लिया. कोर्ट ने जस्टिस से इस बाबत स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. अदालत ने जस्टिस करनन से बिना शर्त माफ़ी मांगने और चिट्ठियां वापस लेने को कहा, मगर जस्टिस करनन पेश नहीं हुए. इसके बाद उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू हुई.

पुराना नाता
जस्टिस करनन का विवादों से पुराना नाता रहा है. मद्रास हाईकोर्ट से जब उनका कोलकाता तबादला हुआ तो उन्होंने खुद ही इस पर रोक लगा दी. इतना ही नहीं उन्होंने अपने चीफ जस्टिस को ही नोटिस जारी कर डाला. मामला बिगड़ते देख सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा और फरवरी 2016 के बाद उनके दिए हुए सभी निर्देशों पर रोक लगा दी गई. जब राष्ट्रपति ने जस्टिस करनन को निर्देश दिया, तब कहीं जाकर उन्होंने कोलकाता में पदभार संभाला. जस्टिस करनन तब भी विवादों में घिर गए थे जब उन्होंने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि दो वयस्कों के बीच यदि शारीरिक संबंध हो तो उन्हें पति-पत्नी के रूप में देखा जाना चाहिए.

दलित होने का तर्क
जस्टिस करनन शुरू से यह कहते आ रहे हैं कि दलित होने के चलते उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. मद्रास हाईकोर्ट का जज रहते हुए जस्टिस करनन ने साथी जजों पर गाली देने का आरोप लगाया था. उन्होंने संबंधित जजों के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति के राष्ट्रीय आयोग में भी शिकायत की थी.

इंकार पर इंकार
एक मई को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस करनन की दिमागी हालत की जाँच के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन का आदेश दिया था, मगर जस्टिस करनन ने जांच नहीं होने दी. उन्होंने कहा कि मेरा काम मुझे वापस नहीं दिया गया तो वो कोर्ट में हाज़िर नहीं होंगे. चाहे इसके लिए मुझे जेल भी क्यों न भेज दिया जाए.  अवमानना के लिए जब कोर्ट ने जस्टिस करनन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया तो उन्होंने इसे भी मनाने से इंकार कर दिया.

देश को हिला दिया
जेल भेजे जाने से एक दिन पहले जस्टिस करनन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर और सात अन्य जजों के खिलाफ समान जारी करते हुए अपनी अदालत में पेश होने का आदेश देकर देश को हिला दिया था. जस्टिस करनन ने अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के उल्लंघन के आरोपों के तहत यह फैसला सुनाया था. इसके बाद उन्होंने सातों जजों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश भी दिए थे. मामले को इतना आगे बढ़ते देख सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस करनन को 6 महीने जेल भेजने का निर्णय लिया.

J&K: बनेगा एफिल टावर से भी ऊंचा पुल

जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बन रहा है. इसकी ऊंचाई एफिल टावर से भी 35 मीटर अधिक होगी. 1100 करोड़ की लागत से बनने जा रहे इस पुल के 2019 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके निर्माण में 24,000 टन इस्पात इस्तेमाल किया जाएगा, और यह नदी तल से 358 मीटर ऊंचा होगा. यह पुल चीन की बेईपैन नदी पर बने शुईबाई रेलवे पुल का रिकॉर्ड तोड़ेगा, जो 275 मीटर ऊंचा है.

260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली हवा को झेलने की क्षमता वाला 1.135 किलोमीटर लंबा यह पुल कटरा और श्रीनगर को जोड़ेगा. संवेदनशील इलाका होने की वजह से पुल की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है.

PAN को ऐसे लिंक करें आधार कार्ड से

सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार कार्ड नंबर अनिवार्य कर चुकी है. ऐसे में यह ज़रूरी है कि आप अपने PAN कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करें. आइए देखें कि कैसे पैन कार्ड को आधार से लिंक किया जा सकता है.

  • सबसे पहले रिटर्न फाइल करने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाएं, यहां लॉग इन आईडी, पासवर्ड और जन्म तिथि भरें.
  • आपके लॉग इन करते ही एक नई पॉप-अप विंडो खुलेगी, जिसमें आधार लिंक करने का विकल्प होगा. यदि कोई विंडो नहीं खुलती है तो आप प्रोफाइल सेटिंग में जाकर आधार लिंक पर क्लिक कर सकते हैं.
  • इन विंडो में आपको नाम, जन्म तिथि आदि जानकारी भरनी होगी.
  • सभी जानकारियों को अपने आधार कार्ड पर अंकित जानकारी से मिलाने के बाद आधार कार्ड नंबर डालें और ‘लिंक करें’ पर क्लिक करें.
  • ध्यान रखने वाली बात ये है कि अगर आपकी जानकारी गलत हुई तो पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं होगा.      
हर पेशी के इतने लाख लेते हैं जेठमलानी

सबसे मशहूर वकील राम जेठमलानी एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं. हालांकि इस बार वजह कुछ अलग है. दरअसल जेठमलानी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अरुण जेटली के खिलाफ मानहानि केस की पैरवी के लिए बतौर फीस 3.42 करोड़ मांगे हैं. जेठमलानी तेज़ तर्रार वकील हैं और हर केस के लिए मोटी फीस वसूलते हैं. वे राजनीति में भी हाथ आजमा चुके हैं. भाजपा से 6 सालों के लिए निष्कासित होने के बाद अब वे लालू यादव की पार्टी से संसद पहुंचे हैं. 94 साल के जेठमलानी ने अपने करियर की शुरुआत प्रोफ़ेसर के रूप में की थी.

ram jethmalaniमोटी फीस
लीगली इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार जेठमलानी हर पेशी के लिए 25 लाख रुपए लेते हैं. उन्हें महंगी घड़ियों का शौक है. जेठमलानी 5 लाख मूल्य वाली रॉलेक्स घड़ी पहनते हैं. पिछले साल चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे के मुताबिक जेठमलानी के पास 58 करोड़ 82 लाख की संपति है.

कुछ चर्चित मामले  
वैसे तो जेठमलानी जो केस लड़ते हैं वो अपने आप चर्चित हो जाता है, लेकिन उनके कुछ केस ऐसे हैं जो लंबे समय तक सुर्ख़ियों में रहे. जैसे कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के हत्यारों की पैरवी, स्मगलिंग केस में डॉन हाजी मस्तान और अफज़ल गुरू की पैरवी, हवाला स्कैम में भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी का बचाव. आसाराम की ज़मानत के लिए अदालत में पैरवी, करप्शन से जुड़े मामले में जयललिता का बचाव.