इस बहादुर Rocket को जानते हैं?

पठानकोट हमले में आंतकवादियों को करारा जवाब देने वाले जांबाजों में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का एक ट्रेंड डॉग भी शामिल था। एनएसजी की के 9 यूनिट के इस सदस्य का नाम Rocket है। अपने नाम की तरह रॉकेट ने हमले के दौरान जलती हुई इमारत rocketमें छलांग लगाकर सुरक्षा बलों को आंतकियों की मौजूदगी से अवगत कराया था। इस मिशन में रॉकेट गंभीर रूप से घायल हो गया था। कई महीनों के इलाज के बाद अब उसने दोबारा ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। रॉकेट की इस बहादुरी के लिए उसे वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने की सिफारिश की गई है।
क्या हुआ था उस दिन
4 जनवरी की सुबह एयरबेस की इमारतें आग से घिरी हुईं थीं। ऐसे में ब्लैक केट कमांडो के लिए अंदर जाना मुमकिन नहीं था। इसे देखते हुए एनएसजी ने इमारत के अंदर की स्थिति का पता लगाने के लिए रॉकेट की सेवा लेने का फैसला लिया। रॉकेट आग की परवाह किए बिना इमारत में गया और थोड़ी देर बाद मुंह में एक थैली दबाकर बाहर आया। वो थैली आतंकवादियों की थी, बाद में सुरक्षाबलों को इमारत से एक आदमी की जली लाश मिली।

काबिले तारीफ
इस ऑपरेशन में रॉकेट के पंजे और माथ जल गया था। कई हफ्तों के इलाज के बाद अब वो पूरी तरह ठीक है। एनएसजी के इंस्पेक्टर जनरल दुष्यंत सिंह ने कहा, रॉकेट तेज आग में कूद गया, जिससे हमें पता चल सका कि उस इमारत में एक आतंकी है। रॉकेट की बहादुरी तारीफ के काबिल है। उसने भी पठानकोट ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई।
बेल्जियन प्रजाति का कुत्ता
रॉकेट बेल्जियन मलिनुआ नस्ल का कुत्ता है। उसे विशेषतौर पर इंसानी मौजूदगी और विस्फोटक एवं ईआईडी का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रजाति के कुत्ते बेहद समझदार होते हैं और वे संकेतों अपनी बात समझाते हैं। पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की खोज में अमेरिकी नेवी सील की टीम ने भी बेल्जियन मलिनुआ नस्ल के कुत्तों का इस्तेमाल किया था।

Leave a Reply