पार्टनर को न कहें NO

जिस तरह भूख लगने पर हम खाना खाते हैं, उसी तरह कामोत्तेजना जागृत होने पर सेक्स करना जरूरी है। इससे मन शांत रहता है और आप अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में हमें अपने पार्टनर की इच्छा का सम्मान करना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि आप सेक्सsexno करना चाहते हैं, लेकिन आपका पार्टनर इसके लिए तैयार नहीं होता। ऐसे में मन में चल रही उथल-पुथल शांत नहीं होती, जो बाद में गुस्सा या मनमुटाव का रूप ले सकती है। कई शोधों में ये बात साफ हो चुकी है कि सेक्स स्ट्रैस रिलीवर का काम करता है, लिहाजा अगर इच्छा जागृत होने के बाद भी सेक्स नहीं किया जाता तो स्ट्रैस का लेवल बढ़ भी सकता है। इसलिए यदि दोनों में से किसी एक भी इच्छा सेक्स करने की हो तो पार्टनर को इसका सम्मान करना चाहिए। वैसे भी, रोजमर्रा की जिंदगी में हमें कई काम ऐसे करने पड़ते हैं, जिन्हें हम दिल से नहीं करना चाहते। फिर चाहे वो अपनों की खुशी के लिए हों या कार्यस्थल की मजबूरी से। तो फिर सेक्स से परहेज क्यों? सेक्स एक ऐसी प्रक्रिया है, जो अनिच्छा की स्थिति में भी कई बार चरम पर पहुंचकर सुख की अनुभूति कराती है। इसके बाद हमारा शरीर और दिमाग हल्का महसूस करते हैं। इसलिए अपने पार्टनर को तब तक No नहीं कहें, जब तक किसी बहुत बड़ी परेशानी में न हों। सेक्स कामेच्छा की पूर्ति तो करता ही है, दो दिलों को करीब लाने में भी मदद करता है। जिन कपल्स की सेक्स लाइफ अच्छी होती है, वो दूसरों की अपेक्षा ज्यादा खुशहाल जीवन जीते हैं।

सुबह का वक्त है सही
सेक्स के लिए वैसे तो रात के वक्त को सबसे ज्यादा अच्छा माना जाता है, लेकिन एक शोध के मुताबिक अगर सेक्स सुबह किया जाए तो बहुत अच्छा है। इटली के शोधकर्ताओं के मुताबिक, सेक्स करने का बेहतरीन समय सुबह 5.48 बजे होता है। ऐसा इसलिए कि सुबह के वक्त महिला और पुरुष दोनों की शक्ति अपने चरम पर होती है। साथ ही दिमाग भी पूरी तरह शांत होता है, ऐसे में हम सेक्स का ज्यादा आनंद उठा सकते हैं।

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