इस देश में कोई सड़क पर नहीं सोता

इस देश में कोई सड़क पर नहीं सोता

भारत से लेकर ब्रिटेन तक आपको सड़कों पर रात गुजारते लोग नज़र आ जाएंगे. अपने देश में तो बेघरों की समस्या काफी विकट है. तमाम सरकारी योजनाओं के बावजूद सड़कों को अपना आशियाना बनाकर रहने वालों की संख्या में ख़ास कमी नहीं आई है. इसके उलट फ़िनलैंड एक ऐसा देश है जहां यह समस्या ख़त्म हो चुकी है. वैसे यूरोपीय यूनियन में फ़िनलैंड ही एकमात्र ऐसा देश है, जिसने बेघरों को छत मुहैया कराई है. जबकि बाकी देशों में बेहतर वेलफेयर सिस्टम होने के बावजूद लोग खुले में जीवन रहने को मजबूर हैं.

ब्रिटेन की एक संसदीय जांच में यह बात सामने आई है कि इंग्लैंड में 2014 से 2015 के बीच सड़क पर सोने वालों की तादाद में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इसी तरह डेनमार्क में बेघरों की संख्या 75 फीसदी बढ़ी है, ग्रीस की राजधानी एंथेस में हर 70 में से एक शख्स सड़क पर सोता है.

क्या किया फ़िनलैंड ने?
फ़िनलैंड ने दूसरे देशों की सरकारों के इतर बेघरों के प्रति बहुत उदार रवैया अपनाया. ऐसे लोगों के लिए अपार्टमेंट की व्यवस्था की जाती है, इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनका जीवन स्तर सुधारने के काम में लगाया जाता है. साथ ही ऐसे लोगों के लिए रोज़गार की व्यवस्था भी की जाती है. सरकार की इस पहल में गैर सरकारी संगठन भी अहम् भूमिका निभा रहे हैं. वाई फाउंडेशन ने 16300 बेघरों को घर उपलब्ध कराएं हैं.

स्थायी समाधान
फाउंडेशन के मैनेजर जुहा काकिनेन कहते हैं, हमने ऐसे लोगों को एक अनुबंध के तहत अपार्टमेंट देना शुरू कर दिया है. इन्हें किसी भी किरायदार की तरह पूरा हक़ मिला है. य्स्दी इन्हें और समर्थन की ज़रूरत होती है तो हम वो भी मुहैया कराते हैं. जुहा के मुताबिक, इस कदम से बेघरों को स्थायी समाधान मिल रहा है, जबकि दूसरे देशों में बेघरों को अस्थायी पनाह दी जाती है.

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