GOA: ऐसा न हो डुबकी लगाएं और डायपर साथ ले आएं!

अगर आप गोवा (GOA) के किसी समुद्र तट पर पानी में डुबकी लगा रहे हैं, तो इस बात के लिए तैयार रहें कि आपका सामना बीयर की बोतल, बच्चों के इस्तेमाल किए गए डायपर और यहां तक सेनेटरी नैपकिन से भी हो सकता है। गोवा के अधिकांश तटों पर पर्यटकों द्वारा इस कदर गंदगी फैलाई जा रही है, जिसे साफ करना प्रशासन के बस के बाहर होता जा रहा है। आलम ये है कि जहां नजर घुमाओ शराब की खाली बोलतें, पॉलिथीन, सिगरेट की टुकड़े आदि नजर आ जाते हैं। प्रशासन की ओर से बीच पर लगाए गए डस्टबिन महज शो पीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि गोवा आने वाले ज्यादातर लोग स्वच्छता की आदत को घर छोड़कर आते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्यटकों के चलते उनके शहर की खूबसूरती खराब हो रही है।

goaगंदगी से स्वागत
गोवा के सबसे प्रसिद्ध समुद्र तटों में पहला नाम कलंगुट का आता है। यहां सैलानियों की सबसे ज्यादा भीड़ जमा होती है, यही वजह है कि इस बीच पर गंदगी भी सबसे ज्यादा है। बीच पर दाखिल होने से पहले ही आपको दोनों तरफ बिखरी गंदगी नजर आ जाएगी। कई बार बीयर की टूटी बोतलों के चलते लोग घायल हो चुके हैं। इस बीच की सफाई के लिए प्रशासन ने 10 सफाई कर्मियों को नियुक्त किया है, लेकिन बढ़ती गंदगी को देखते हुए ये संख्या कम पड़ने लगी है। पर्यटक खाने पीने का सामन लेकर बीच पर आते हैं, और कचरा डस्टबिन में फेंकने के बजाए वहीं छोड़कर चले जाते हैं।

बैन बेमानी
गंदगी और महिला पर्यटकों के साथ होने वाली अभद्रता को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 2013 में बीच पर शराब का सेवन बैन किया था। हालांकि शैक जैसे निर्धारित स्थानों को इस बैन से दूर रखा गया था। लेकिन यह बैन अब पूरी तरह से बेमानी साबित हो रहा है। अधिकांश पर्यटक बाहर से शराब खरीदते हैं, बीच पर आकर पीते हैं और बोलतें वहीं फेंक जाते हैं। गोवा पुलिस की इंडियन रिजर्व बटैलियन विंग पर समुद्र तटों पर कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है। पुलिस के जवान बीच पर गश्त भी करते हैं, लेकिन इसके बावजूद पर्यटक वहां शराब लेकर पहुंच जाते हैं।

हिंदुस्तानी आगे
कैंडोलियम बीच कलंगुट की अपेक्षाकृत कम गंदा है, लेकिन सुबह के वक्त यहां हर कदम संभालकर रखना पड़ता, क्योंकि पता नहीं कब पैर किसी बोलत पर आ जाए। ये आलम तब है जब बीच पर मौजूद भी शैक अपने स्तर पर साफ सफाई करते हैं। यदि वो भी इसे प्रशासन की जिम्मेदारी मानकर हाथ खड़े कर लें, तो फिर यहां बैठना तक मुश्किल हो जाएगा। बॉबी शैक में काम करने वाले पीटर इसके लिए पूरी तरह से भारतीय पर्यटकों को कुसूरवार ठहराते हैं। वो कहते हैं, विदेशी सैलानी कचरे को डस्टबिन में फेंककर जाते हैं, लेकिन हिंदुस्तानी उसे बीच पर ही छोड़ जाते हैं। अगर उन्हें समझाने की कोशिश करो तो उल्टा लड़ने को तैयार हो जाते हैं। मेरे साथ ऐसा कई बार हो चुका है, इसलिए हम किसी को कुछ कहने के बजाए जितना हो सके खुद ही कचरा हटा देते हैं।

पहले ऐसा न था
एक अन्य शैक में काम करने वाले रफीक ने कहा, कई बार विदेशी टूरिस्ट हमसे पूछते हैं कि बीच की सफाई नहीं होती तो बड़ी शर्मिंदगी महसूस होती है। पहले हम गंदगी फैलाने वाले लोगों को टोकते थे, लेकिन अब हमने बंद कर दिया है। बाइक ऑन रेंट के मालिक डेविड मानते हैं कि पर्यटकों की वजह से गोवा की खूबसूरती प्रभावित हो रही है। वो कहते हैं, गोवा के बीच पहले कभी इतने गंदे नहीं रहते थे और न ही वहां पर शराब पीने की मनाही थी। गंदगी के चलते हम लोगों का बीच पर जाने का मन ही नहीं करता। जो विदेशी यहां आते हैं उनकी नजर में हमारे देश की क्या छवि बनती होगी इस बारे में कोई नहीं सोचता। अब जरूरत है कि बीच पर गंदगी फैलाने वालों से भारी जुर्माना वसूला जाए।

आप चौंक जाएंगे
लाइफ गार्ड आनंद कहते हैं, बाघा बीच पर पानी से आय दिन डायपर और सैनेटरी नैपकीन निकलते हैं। अब ये तो लोगों को नहीं सिखाया जा सकता कि ऐसी चीजों को डस्टबिन में फेंकना चाहिए। अगर आप साफ सफाई के वक्त बीच का नजारा देखें आपको विश्वास नहीं होगा कि कैसी कैसी चीजें लोग यहां छोड़ जाते हैं। पॉलिथीन और बीयर की बोतलें तो आम हैं। इतना ही नहीं लोगों को जिस काम को करने से मना किया जाता है, वही सबसे ज्यादा करते हैं। अगर उन्हें कहा जाए कि समुद्र में उस तरफ न जाएं, खतरा है तो वहीं जाएंगे।

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