IAS सर की क्लास

IAS अधिकारी सुनते ही एक ऐसे शख्स की छवि जहन में आती है, जिसे सिर्फ अपने काम से मतलब है। लेकिन संतोष मिश्रा इससे बिल्कुल जुदा हैं। अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने के साथ ही मिश्रा सामाजिक दायित्वों को भी बखूबी निभा रहे हैं। वे प्रत्येक रविवार को रायपुर केजेएन पांडे  स्कूल में स्टूडेंट्स को फिजिक्स और मैथ्य पढ़ाते हैं। उनके विद्यार्थियों में से एक का चयन एनआईटी रायपुर और दो का रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज में हुआ है। पिछले एक साल से मिश्रा हर संडे छात्रों को पढ़ाने स्कूल जाते हैं। खासबात ये है कि वो फिजिक्स और मैथ्स जैसे विषयों को हिंदी में पढ़ाते हैं, ताकि स्टूडेंट्स आसानी से उन्हें समझ सकें। मिश्रा का मानना है कि जो बच्चे अंग्रेजी में कमजोर होते हैं, उनके लिए फिजिक्स और मैथ्स को समझना और भी ज्यादा कठिन हो जाता है। लेकिन अगर उन्हें हिंदी में सबकुछ बताया जाए तो वो कठिन से कठिन फॉर्मूले को भी आसानी से समझ सकते हैं। तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी संतोष मिश्रा फिलहाल रायपुर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, वो चाहते हैं कि बच्चे ज्यादा से ज्यादा पढ़ें और इसके लिए हम सभी को उनकी मदद के लिए आगे आना होगा। मिश्रा की इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है। बच्चे भी ऐसा शिक्षक पाकर बेहद खुश हैं, जो केवल किताबी ज्ञान के आधार पर ही उनका मार्गदर्शन नहीं करता। तकरीबन एक साल से मिश्रा जेएन पांडे स्कूल के 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को पढ़ाते आ रहे हैं।

समाज सेवा का संकल्प
संतोष मिश्रा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक के पद पर कार्यरत हैं। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी मिश्रा ने कानपुर से ही 12 तक पढ़ाई की। 1993 में उनका चयन आईआईटी कानपुर में हुआ, यहां से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वो स्कॉलरशिप पर अमेरिका चले गए। वहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल में मास्टर डिग्री हासिल की। अमेरिका में तीन साल तक नौकरी करने के बाद उन्होंने भारत का रुख किया। समाज में बदलाव लाने के उद्देश्य से उन्होंने साल 2000 में सिविल सर्विस की परीक्षा। पहले ही प्रयास में सफल होने के बाद उन्होंने आइएएस को चुना। उनकी पत्नी तमिलनाडु कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं।

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