Heart Beat पर रखें नजर

दिल की धडक़न सामान्य नहीं है। यानी एकदम ही तेज या धीमे हो जाती है, तो आप खतरे में है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस खतरे का शिकार ज्यादा हो सकती हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि जिन महिलाओं को एट्रियल फाइब्रिलेशन (एएफ) की बीमारी थी, उनमें पुरुषों की तुलना में दिल का दौराwoman-clutching-heart पडऩे की आशंका दोगुनी थी। साथ ही यह भी पाया गया कि एट्रियल फाइब्रिलेशन की दवा का असर महिलाओं पर देरी से होता है। ब्रिटेन में 10 लाख से ज्यादा लोगा एट्रियल फाइब्रिलेशन पीडि़त हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कभी-कभी Heart Beat कम या ज्यादा होना खास चिंता का विषय नहीं है। पर यदि ऐसा बार-बार होता है यह गंभीर विषय है। आपको बिना देरी के डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। संभव है कि आपके दिल की धडक़न एकदम काफी तेज हो जाए। इस स्थिति में आपको चक्कर आ सकते हैं या दम फूल सकता है। इस बीमारी का इलाज है, इसलिए अगर आप ऐसा महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। डॉक्टरों का ये भी कहना है कि बिगड़ती लाइफ स्टाइल के चलते भी दिल संबंधी बीमारियां लोगों को जकड़ रही हैं।

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