खडसे इफेक्ट: अब किसी को नहीं चाहिए ‘रामटेक’

भाजपा नेता एकनाथ खडसे के मंत्री पद से इस्तीफा देने के चलते सरकारी बंगला रामटेक अब अपशगुनी बंगलांे में शामिल हो गया है। केवल खडसे ही नहीं, तीन अन्य बड़े नेताओं को भी यहां रहने की कीमत चुकानी पड़ी है। विलासराव देशमुख, गोपीनाथ मुंडे eknath-khdseऔर छगन भुजवल भी रामटेक को अपना ठिकाना बना चुके हैं। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के सत्ता में आने के बाद मुंबई के मालाबार हिल इलाके में स्थित इस बंगले को अपना बनाने के लिए मारकाट मची हुई थी।

    हर मंत्री रामटेक को आशियाना बनाना चाहता था। इसके लिए पुरजोर लॉबिंग भी की गई। लेकिन 8,857 वर्ग मीटर में फैला यह बंगला khdse को अलॉट हुआ। भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते खडसे को पिछले शनिवार को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। तब से अब तक रामटेक अपना बसेरा जमाने के लिए किसी भी मंत्री ने आवेदन नहीं किया है। दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति के चार दिग्गजों के हाल को देखते हुए कोई भी नेता रामटेक में रहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

किसके साथ क्या हुआ?
खडसे से पहले विलासराव देशमुख, गोपीनाथ मुडे और छगन भुजवल को यह बंगला अलॉट किया गया था। 1995 में मुख्यमंत्री के तौर पर देशमुख ने रामटेक को अपना आशियाना बनाया था। विधानसभा चुनाव में वह अपनी सीट तक नहीं बचा सके, उनके राजनीतिक जीवन पर इस हाट का गहरा प्रभाव हुआ। इसके बाद 1996 में शिवसेना भाजपा सरकार के दौरान रामटेक में रहते हुए मुंडे को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनकी कुर्सी जाते जाते बची थी। 2003 में छगन भुजबल रामटेक में रहने आए। इसके बाद उनका नाम तेलगी स्कैम जुड़ा और आज वे ऑर्थर रोड जेल को अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। मालूम हो कि खडसे पर जमीन घोटाले में शामिल होने के साथ साथ दाऊद से संपर्क रखने का भी आरोप है।

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