फ्लाइट में देरी पर कितना मिलेगा मुआवजा?

फ्लाइट में देरी पर कितना मिलेगा मुआवजा?

मानसून शुरू होते ही विमान कंपनियां यात्रियों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर निकालती हैं. जैसा कि अभी एयर विस्तारा कर रही है, लेकिन यही वो समय है जब फ्लाइट सबसे ज्यादा डिले या कैंसिल होती हैं. लिहाजा आपको पता होना चाहिए कि यदि आप भी ऐसी स्थिति का सामना करते हैं, तो आपको क्या करना चाहिए:

सवार होने से रोका तो?
यदि एयरलाइन आपको फ्लाइट में सवार होने से मना करती है, तो आप मुआवजे की मांग कर सकते हैं. बशर्ते बोर्डिंग के वक़्त आपके पास कन्फर्म टिकट हो और आप एयरलाइन द्वारा बताए समय पर पहुंच गए हों. इसके अलावा यह भी ज़रूरी है कि आपके पास मान्य यात्रा दस्तावेज़ हों.

बोर्डिंग से मना किया तो?
अगर आपको बोर्डिंग से मना किया जाता है और फ्लाइट के तय वक़्त के भीतर दूसरी फ्लाइट का इंतजाम कर दिया जाता है, तो कंपनी मुआवज़े की मांग स्वीकारने के लिए बाध्य नहीं है.

फ्लाइट में देरी हो तो?      
यदि आपकी फ्लाइट 24 घंटे से कम की देरी से उड़ान भरती है, तो एयरलाइन आपको खाना और दूसरे रिफ्रेशमेंट देने के लिए बाध्य है. अगर देरी 24 घंटे से ज्यादा की होती है, तो कंपनी को होटल और ट्रांसपोर्ट सुविधा भी मुहैया करानी होगी.

कैंसिल होने की सूचना कब?
कंपनी को फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना डिपार्चर टाइम से कम से कम दो घंटे पहले देनी चाहिए. साथ ही यात्रियों को रिफंड या दूसरी फ्लाइट का विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए. हालांकि ख़राब मौसम या प्राकृतिक आपदा आदि स्थिति में कंपनी को इससे छूट दी गई है.

बोर्डिंग से इंकार पर कितना मुआवजा?
(1)    यदि तय वक़्त से 24 घंटे के अंदर दूसरी फ्लाइट उपलब्ध कराई जाती है, तो बेसिक फेयर का 200% + फ्यूल सरचार्ज.
(2)    यदि तय वक़्त से 24 घंटे के बाद दूसरी फ्लाइट का इंतजाम किया जाए, तो बेसिक फेयर का 400% + फ्यूल सरचार्ज.
(3)    यदि आप उपरोक्त दोनों विकल्प नहीं चुनते, तो टिकट की फुल वैल्यू का रिफंड और बेसिक फेयर का 400% सरचार्ज.

फ्लाइट कैंसिल या लेट होने पर मुआवजा?
तय वक़्त से एक घंटा देरी से होने पर टिकट फेयर रिफंड+ 5000 रुपए.
एक से दो घंटों की देरी पर टिकट फेयर रिफंड+ 7500 रुपए.
दो घंटे से ज्यादा देरी होने पर टिकट फेयर रिफंड+ 10,000 रुपए.
Source: nbt

Share:

Related Post

Leave a Reply