वाह रे सिस्टम: माल बटोरकर निकल गए Mallya

उद्योगपति और सांसद विजय Mallya हजारों करोड़ रुपए का कर्ज डकारकर देश से निकल गए हैं। सरकार के अटार्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को Mallyaबताया कि माल्या देश छोडक़र जा चुके हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इस मुद्दे को लेकर संसद में किसी तरह की चर्चा नहीं हुई। Mallya के डिफॉल्टर घोषित होने के बावजूद उनका यूं देश से निकलना हमारे सिस्टम पर जोरदार तमाचे की तरह है। इस बात की आशंका पहले ही जताई जा रही थी कि दबाव बढऩे पर माल्या विदेश का रुख कर सकते हैं। इसके बाद भी सरकार और संबंधित एजेंसियां खामोश रहीं। 17 बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर माल्या का पासपोर्ट जब्त करने का अनुरोध किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गौरतलब है कि माल्या की विदेशों में आपार संपत्ति है, इसलिए उन्हें भारत का कारोबार छोडऩे का कोई खास नुकसान नहीं होगा। माल्या 3 मार्च को ही देश से छोड़कर जा चुके थे। इससे एक दिन पहले उन्होंने संसद की कार्यवाही में भी हिस्सा लिया।

क्या होगा नोटिस का असर
सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर दो हफ्तों में जवाब देने को कहा है। अदालत ने कहा कि यह नोटिस माल्या को उनकी राज्यसभा वाली ईमेल आई से लंदन स्थित भारतीय दूतावास के जरिए भेजा जाए। हालांकि जानकारों के मुताबिक, इस बात की संभावना बेहद कम है कि माल्या पर इस नोटिस का कोई असर होगा। माल्या तब तक भारत कर रुख नहीं करेंगे, जब तक कि उनके प्रत्यर्पण का दबाव न बनाया जाए।

इतनी दरियादिली क्यों
माल्या पर करोड़ों रुपए का कर्ज है, इसके बावजूद उन पर दरियादिली दिखाई जाती रही। बैंकों का तो अब भी ये कहना है कि वो माल्या के साथ कोई जंग नहीं चाहतीं, उनकी बस इतनी गुजारिश है कि मिल बैठकर कर्ज अदायगी का रास्ता खोजा जाए। ये वही बैंक हैं जो आम आदमी से लोन वापसी में बैंक कोई कसर नहीं छोड़तीं। सरकार ने भी इस मामले को उतनी गंभीरता से नहीं लिया, जितना लिया जाना चाहिए था। माल्या को पूरी छूट दी गई कि वो आराम से देश छोडक़र निकल जाएं।

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