इस जज के फैसले सुनकर उड़ जाएंगे आपके होश!

  • अजीबोगरीब सजा सुनाने के लिए प्रसिद्ध हैं माइकल

यूं तो ऐतिहासिक फैसले सुनाने के लिए दुनिया के कई जज मशहूर हैं, लेकिन माइकल सिकोनेती (Michael Cicconetti) का नाम सबसे पहले आता है. ऐसा इसलिए नहीं कि उन्होंने बड़े-बड़े मामलों में फैसला सुनाया है, बल्कि इसलिए कि उनके फैसले सबसे हट के होते हैं. अमेरिका के ओहियों स्थित न्यायालय के जज माइकल 21 सालों से “क्रिएटिव जस्टिस” की परिभाषा गढ़ते आ रहे हैं. माइकल की अदालत में दाखिल होने वाले अपराधियों को अंत तक पता नहीं होता कि उन्हें किस तरह की सजा से गुज़रना होगा. एक तरह से कहें तो माइकल के फैसले कुछ हद तक “आंख के बदले आंख” के सिद्धांत पर आधारित होते हैं. अपने क्रिएटिव फैसलों के चलते माइकल 1994 से लगातार नियुक्त होते आ रहे हैं. उनकी एक खासियत यह है कि वो अभियुक्त को खुद अपनी सजा चुनने का मौका देते हैं. जिसमें जेल से लेकर उनकी अनोखी सजा तक का विकल्प मौजूद होता है. आइए उनके कुछ सबसे अलग फैसलों पर नज़र डालते हैं:

पार्क में सेक्स की सजा
सार्वजनिक पार्क में सेक्स करने की सजा क्या होती है? आप कहेंगे कि जो भी कानून में निर्धारित हो, लेकिन माइकल ने कुछ अलग ही किया. उन्होंने दोषियों से पार्क साफ़ करने को कहा, जिसमें ख़ास तौर पर इस्तेमाल किए गए कंडोम हटाने का जिक्र था. इतना ही नहीं दोषियों को अख़बार में विज्ञापन देकर पूरे शहर से माफ़ी मांगने को भी कहा गया.

बिल्लियों को छोड़ने की सजा
एक महिला ने सर्दी के मौसम में बिल्ली के 35 बच्चों को मरने के लिए जंगल में छोड़ दिया था. जज माइकल ने उस पर जुर्माना तो लगाया ही साथ ही जिंदगी भर का सबक देने के लिए नवंबर की कड़कड़ाती ठंड में बिना खाना-पानी के जंगल में रात गुजरने की सजा भी सुनाई. महिला से टेंट में रहने को कहा गया, हालांकि ठंड को देखते हुए उसे अलाव जलाने की अनुमति ज़रूर प्रदान की गई.

पुलिस से बदतमीजी की सजा
एक आदमी ने पुलिसकर्मी को सूअर कहा, तो जज माइकल ने 170 किलो के सूअर के साथ सड़क के किनारे हाथ में तख्ती लेकर खड़ा रहने की सजा सुनाई, जिस पर लिखा था “यह पुलिस अफसर नहीं है”.

ड्रंक एंड ड्राइविंग
ड्रंक एंड ड्राइविंग के मामलों में अक्सर लोग जुर्माना भरकर आज़ाद हो जाते हैं, लेकिन जज माइकल महज जुर्माने तक सीमित नहीं रहे. उन्होंने आरोपी को पास के मुर्दाघर भेजा, जहां उसे जबरन ड्रंक एंड ड्राइव के शिकार दो युवकों के शव दिखाए गए.

किराया नहीं चुकाया तो…
एक महिला ने टैक्सी का किराया नहीं चुकाया, क्या आप उसकी सजा का अनुमान लगा सकते हैं? उसे टैक्सी से तय की गई दूरी यानी 48 किलोमीटर तक पैदल चलने की सजा सुनाई गई.

चोरी की सजा
बेसहारा लोगों की मदद के लिए रखी गई दानपेटी चुराने वाले को एक दिन बेसहारा की तरह सड़क पर गुज़ारना पड़ा. जज माइकल का कहना था कि आरोपी को यह अहसाह होना चाहिए कि उसने किसका हिस्सा हड़पा है.

बच्चों के लिए…
कुछ छात्रों द्वारा स्कूल बस का टायर पंक्चर करने के चलते स्कूल प्रशासन को एक ख़ास क्लास का समय बदलना पड़ा. दोषियों को सबक सिखाने के लिए जज माइकल ने उन्हें सभी पीड़ित बच्चों को पिकनिक पर ले जाने का आदेश दिया, इस पर होने वाला सारा खर्चा आरोपी छात्रों को ही करना था.

जज माइकल के मुताबिक इस तरह की अनोखी सजा पाने वाले 90% लोगों को दोबारा किसी मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया. है, ना कमाल की बात?

अगर जज माइकल की “क्रिएटिव जस्टिस” आपको प्रभावित करती है, तो इस पोस्ट को शेयर करना न भूलें!

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