Modi का मानवीय चेहरा

प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी विपक्ष के निशाने पर हैं। कभी उन्हें हिटलर कहा जाता है, कभी उनकी सोच को सांप्रदायिक करार दिया तो कभी उनकी कथनी-करनी पर सवाल उठाए जाते हैं। लेकिन मोदी वक्त-वक्त पर अपना मानवीय चेहरा पेशकर आरोपों की धार कुंद कर देते हैं। बुधवार को संसद में भी ऐसा ही नजारा उस वक्त देखने को मिला जब मोदी ने स्वयं विरोधी सांसद को पानी का ग्लास थमाया। दरअसल, modiदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय पर सीबीआई के छापे को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संसद में इसी मुद्दे पर आप सांसद भगवंत सिंह मान मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। अचानक उन्हें कुछ बेचैनी महसूस होने लगी। उन्होंने पानी के लिए चारों तरफ नजर दौड़ाई, इस बीच पीएम मोदी ने खुद उनकी तरफ अपनी मेज पर रखा हुआ पानी का ग्लास बढ़ाया। मान ने पानी पिया और फिर मुस्कुराकर मोदी को धन्यवाद कहा। आइए नजर डालते हैं कुछ ऐसे ही मामलों पर जब पीएम Modi ने अपना मानवीय चेहरा दिखकर देशवासियों का दिल जीत लिया।

  1. उत्तर प्रदेश के बनारस में रहने वाले एक पिता ने अपने दो बच्चों के इलाज के लिए प्रधानमंत्री से गुहार लगाई, जिसे मोदी ने तुरंत सुन लिया। विष्णु सोनी नामक इस शख्स के बड़े बेटे को थैलेसीमिया बीमारी है और पांच साल के दूसरा बेटा बेहरेपन का शिकार है। विष्णु की माली हालत इतनी अच्छी नहीं है कि वो अपने बच्चों का इलाज करवा सके। उसने पीएम से बच्चों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगी। जिस पर पीएमओ की तरफ से विष्णु को तीन लाख रुपए की मदद दी गई।
  2. ताजनगरी आगरा में रहने वाली 12 साल की तैयबा ने जब प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी बीमारी के बारे में बताया तो मोदी ने न केवल खत का जवाब दिया, बल्कि इलाज का सारा खर्च उठाने की घोषणा भी कर डाली। गौरतलब है कि बच्ची के दिल में छेद है, और उसके माता-पिता की आर्थिक स्थिति इतना महंगा इलाज कराने की नहीं है। तैयबा ने अपने पत्र में लिखा था, मेरे माता-पिता मेरी बीमारी को लेकर दुखी रहते हैं, क्योंकि हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं कि इलाज करवा सकें। मोदी ने इस पत्र के जवाब में बच्ची से कहा था कि उसे निराश होने की जरूरत नहीं है, इलाज का सारा खर्च सरकार उठाएगी।
  3. कुछ वक्त पहले न्यायाधीशों और मुख्यमंत्रियों के संयुक्त सम्मेलन के दौरान मोदी ने एक गिरते मीडियाकर्मी का हाथ थामकर सुर्खियां बटोरी थीं। दरअसल, मोदी सम्मेलन संबोधित कर लौट रहे थे, तभी एक फोटो जर्नलिस्ट अपना नियंत्रण खोकर नीचे गिर पड़ा। मोदी ने उसे सहारा देकर उठाया।

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