फिर बुझ गए कुछ घरों के चिराग

  • नक्सली हमले में 10 जवान शहीद

नक्सलियों ने बिहार में बड़ा हमला बोलकर एक बार फिर देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राज्य के औरंगाबाद गया बॉर्डर के करीब जंगल में नक्सलियों ने सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन पर हमला बोला। जिसमें 10 जवान शहीद हो गए, जबकि इतने ही घायल हुए हैं। मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सीआरपीएफ की तरफ naxalसे की गई जवाबी कार्रवाई में 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। नक्सलियों की ताकत किस कदर बढ़ रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने हमले के लिए विदेशी हथियारों के साथ साथ रॉकेट लॉन्चर भी इस्तेमाल किया। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने सोमवार को सर्च ऑपरेशन के वक्त सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन पर हमला बोल दिया। जवान 16 जुलाई से ही इस इलाके में नक्सलियों की खोज में लगे हुए थे। 205वीं कोबरा बटालियन को नक्सल विरोधी अभियान के लिए तैनात किया गया है।

नहीं रुकेगा अभियान
सीआरपीएफ के डीजी दुर्गा प्रसाद ने साफ कर दिया है कि नक्सल विरोधी अभियान नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन हम नक्सलियों को इसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। बताया जा रहा है कि कई जवानों की मौत आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने की वजह से हुई है। अब भी कुछ जवान मौके फंसे हुए हैं, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

खामोशी के बाद धमाका
नक्सली इस इलाके में पिछले काफी वक्त से अपेक्षाकृत खामोश चल रहे थे। उन्होंने किसी बड़े हमले को अंजाम नहीं दिया था। ये ताकत बढ़ाने की नक्सलियों की एक चाल का हिस्सा है। जब नक्सलवादियों को लगता है कि सुरक्षा बलों का घेरा कस रहा है तो वो थोड़े वक्त के लिए बिल्कुल खामोश होकर अपनी ताकत बढ़ाते हैं और फिर पूरे दम से हमला बोलते हैं। इसलिए बंदूकों का शोर थमने का मतलब यह नहीं निकाला जा सकता है कि नक्सल समस्या सुलझ रही है।

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