जो कोई सोच भी न सका, वो मोदी ने कर दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में कई प्रमुख बातें कहीं, लेकिन उसमें सबसे प्रमुख रहा बलूचिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके का जिक्र। ऐसा पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री ने लाल किले से पड़ोसी देश की नब्ज को इस तरह दबाने का प्रयास किया है। खास बात ये है कि प्रधानमंत्री की इस रणनीति का असर साफ तौर पर दिखाई भी देने लगा है। पाकिस्तान ने खुद आगे बढ़कर कश्मीर पर बातचीत का न्यौता दिया है। बातचीत से बात कहीं पहुंचेगी या नहीं ये अलग बात है। लेकिन पाक को शायद अब यह समझ आ गया है कि भारत ने भी उसकी दुखती रग पर हाथ रखना सीख लिया है।

modiये कैसे मानवता
मोदी ने अपनी स्पीच में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, मैं दुनिया के सामने दो चित्र रखना चाहता हूं। विश्व को कहता हूं कि जरा तराजू से तौल पर देखिए। पेशावर में आतंकियों ने निर्दोष बच्चों को मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना पर हिंदुस्तान की संसद की आंखों में आंसू थे। और जरा देखिए। वहां आतंकियों को ग्लोरिफाई करने का काम किया जा रहा है। जब निर्दोष लोग मारे जाते हैं, तो वहां जश्न मनाया जाता है। ये कैसे मानवता है।

सबसे लंबी स्पीच
मोदी ने इस बार लाल किले से सबसे लंबी 94 मिनट की स्पीच दी। पिछली बार उन्होंने 86 मिनट 10 सेकंड का भाषण देकर पंडित जवाहर लाल नेहरू के 72 मिनट के भाषण का रिकॉर्ड तोड़ा था। मोदी ने सुबह 7 34 बजे अपनी स्पीच शुरू की और 9 08 बजे उसका समापन हुआ। दिलचस्प बात ये है कि पिछली बार जब मोदी ने देशवासियों से अपने भाषण पर सुझाव मांगे थे तो अरुण ़ित्रवेदी नामक शख्स ने उसने 30 मिनट में भाषण खत्म करने को कहा था

Leave a Reply