Pune ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी

आईटी कंपनी इंफोसिस के कैंपस में बलात्कार का शिकार बनी महिला अब Pune में नहीं रहना चाहती। इस घटना ने पीडि़ता को अंदर तक हिलाकर रख दिया है। infoपीडि़ता और उसका पति मूलरूप से यवतमाल निवासी हैं, और कुछ वक्त पहले ही वे नौकरी के सिलसिले में पुणे आए थे। महिला का कहना है कि इस शहर ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी है, अब वो यहां नहीं रहना चाहिए। हालांकि पीडि़ता ने यह भी कहा कि गुनाहगारों को सजा दिलाने के लिए वो अपनी लड़ाई आखिरी दम तक जारी रखेंगी। यह मामला सामने आने के बाद कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कंपनी के हिंजेवाड़ी कैंपस की कैंटीन में बतौर कैशियर काम रहने वाली महिला के साथ दो दिन पहले बलात्कार हुआ, लेकिन कंपनी ने इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी। पीडि़ता ने खुद मंगलवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तब कहीं जाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सका। अगर पीडि़ता बदनामी के डर से खामोश बैठ जाती तो आरोपी फिर किसी अपना शिकार बना सकते थे।

कंपनी पर आरोप
पीडि़ता का आरोप है कि कंपनी ने उसकी मदद नहीं की। महिला के मुताबिक, मैंने घटना के बारे में कंपनी की महिला गार्ड को बताया, लेकिन उसने कोई मदद नहीं की। कंपनी के कुछ अधिकारियों से शिकायत करने पर जवाब मिला, अभी घर जाओ कल इस बारे में बात करेंगे। इसके बाद मैंने अपने पति को फोन किया।

दिखानी चाहिए थी सक्रियता
पुलिस भी मानती है कि घटना की जानकारी मिलते ही कंपनी को तुरंत उससे संपर्क करना चाहिए था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, आमतौर पर ऐसे मामलों में कंपनियां अपनी प्रतिष्ठता बचाने की सोचती हैं। उन्हें लगता है कि खबर फैलते ही उनकी बदनामी हो जाएगी। कई घटनाएं तो इसके चलते सामने आ ही नहीं पातीं। कंपनियां कागजी तौर पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जितनी मुखर होती हैं, उन्हें असल में भी उतनी ही सक्रियता दिखानी चाहिए।

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