‘अच्छे दिन’ फिर निकालेंगे यात्रियों के आंसू

रेल यात्रियों को मोदी सरकार तोहफा देने जा रही है, हालांकि यह तोहफा सुविधाओं का नहीं बल्कि बढ़े किराए का होगा. अगले महीने की शुरुआत में सभी श्रेणियों के रेल किराए में इजाफे की घोषणा का जा सकती है. रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने बढ़ोत्तरी का पूरा खाका तैयार कर लिया है और उस पर प्रधानमंत्री की मोहर भी लगवा ली है. इस बार किराए में सीधे 10 से 12 फीसदी इजाफे की योजना है. मोदी सरकार बनने के बाद किराए में यह दूसरी वृद्धि होगी. गौर करने वाली बात ये है कि यूपीए सरकार के समय बढ़ोत्तरी की बात आते ही भाजपा आग-बबूला हो जाती थी और अब वही बढ़ोत्तरी उसे तर्क संगत लग रही है.
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करो जेब ढीली
सरकार का तर्क है कि सुविधाओं के लिए यात्रियों को जेब ढीली करनी ही होगी. वैसे ये बात अलग है ली लालू के ज़माने की घोषणाओं को ही अब तक अमल में नहीं लाया जा सका है. इसमें सबसे प्रमुख है बायो टॉयलेट. बात केवल यात्री किराया या मालभाड़ा बढ़ाने की ही नहीं है, सुरेश प्रभु पिछले दरवाजे से भी यात्रियों की जेब पर कैंची चलाने में जुटे हैं. फ्लैक्सी किराए या प्रीमियम तत्काल के नाम पर यात्रियों हद से ज्यादा महंगी टिकट बेची जा रही हैं.

हर साल बढ़ेगा किराया!
उच्च पदस्थ रेल सूत्रों की मानें तो यात्री किराए में तब तक हर साल वृद्धि होगी जब तक कि रेलवे का खज़ाना भर नहीं जाता. नई परियोजनाओं पर काम करने के लिए रेलवे को पैसा चाहिए, जिसका अभी आभाव है. इसलिए सरकार रेलवे के निजीकरण के रस्ते भी साफ़ करती जा रही है. कुछ स्टेशनों को लगभग निजी हाथों में सौंपा जा चुका है और कुछ को सौंपने की तैयारी है.

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