कुछ ऐसा है आपके ‘स्वच्छ शहरों’ का हाल

हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ शहरों की सूची जारी की गई थी, जिसमें मध्यप्रदेश के इंदौर को पहले और भोपाल को दूसरे स्थान पर रखा गया, जबकि सूरत का नंबर चौथा है. इस लिस्ट की सबसे ज्यादा चौंकने वाली बात रही चड़ीगढ़ का टॉप 10 में शामिल न होना. शहरों में स्वच्छता को कई पैमानों पर मापा गया और उनके आधार पर नंबर मिले, जिनसे रैंक तय हुई. इन पैमानों में सड़कों पर दो बार झाड़ू लगना भी शामिल है. इस लिहाज से देखा जाए तो टॉप 10 में शुमार हर शहर चमकता हुआ नज़र आना चाहिए, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है. ऐसे में सवाल उठाना लाज़मी है कि आखिर सरकार के लिए स्वच्छता के मायने क्या हैं? आइए देखते हैं प्रमुख शहरों की स्वच्छता का हाल:

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के अधिकांश इलाकों में आपको ऐसा ही नज़ारा देखने को मिलेगा. यह तस्वीरें पॉश कहे जाने वाले एमपी नगर की हैं.

सूची में 12वें नंबर पर आने वाले उज्जैनवासियों के लिए भी ऐसे नज़ारे आम हैं.

यह तस्वीरें सूरत की हैं, जहां सड़कों पर कचरा यूं ही बिखरा रहता है.

इंदौर में मुख्य सड़कों पर भले ही कचरा नज़र ना आए, लेकिन सड़कों के कचरे को खाली जगहों में ठिकाने लगाने के नज़ारे आपको ज़रूर देखने को मिल जाएंगे.

दिल्ली का हाल भी कुछ जुदा नहीं है.

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