सिंह की बयानबाजी से नाराज हैं सैनिक!

पूर्व सैनिक की खुदकुशी को लेकर जिस तरह के बयान विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह की तरफ से आ रहे हैं, उसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे भाजपा खुद इस मुद्दे को उछालना चाहती है। मृतक सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल की मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े करने वाले सिंह ने अब उन्हें कांग्रेसी बताया है। इतना ही नहीं उन्होंने परोक्ष रूप से यह भी कहने का प्रयास किया है कि यह gen-vk-singhखुदकुशी नहीं बल्कि साजिश है। सिंह ने कहा, “अगर वह हमारे पास आता और मदद नहीं मिलती तो हमारी गलती थी। उसकी परेशानी वन रैंक वन पेंशन नहीं, बल्कि बैंक के साथ थी। फौजी को सल्फास की गोलियां कहां से मिलीं और किसने लाकर दीं? गोलियां खाकर वह कैसे बेटे से बात करता रहा?” पूर्व सेना प्रमुख के इस बयान की विपक्षी पार्टियों ने निंदा की है। वहीं पूर्व सैनिक भी इससे नाराज हैं।

खामोश क्यों हैं पीएम?
वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा पहले से ही संवेदनशील रहा है। और अब एक सैनिक की मौत ने इसे कहीं ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। बावजूद इसके सिंह बयानों की तीर छोड़े जा रहे हैं और पीएम खामोश हैं। वीके सिंह के बयान मौजूदा परिप्रेक्ष्य में किसी भी सूरत में स्वीकार योग्य नहीं हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के बजाए वो आग में घी डालने जैसा काम कर रहे हैं। मृतक की समस्या वन रैंक वन पेंशन से जुड़ी थी या नहीं, इसे रेखांकित करने की कोशिश में सिंह हर रोज कुछ नया पेश कर रहे हैं। जो निश्चित तौर पर भाजपा और मोदी सरकार के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

क्या पीएम सहमत हैं?
कई पूर्व सैनिक विदेश राज्यमंत्री की बयानबाजी से खासे नाराज हैं। उनका सवाल है कि मृतक की मानसिक स्थिति पर उंगली उठाकर और उसे कांग्रेस से जोड़कर सिंह क्या साबित करना चाहते हैं? वॉलिंटरी रिटायरमेंट लेने वाले एक मेजर ने कहा, मंत्री होने से पहले सिंह एक सैनिक हैं और कम से कम इस नाते तो उन्हें ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए। जो चला गया उसके बारे में इस तरह की बातें करके सिंह पीडि़त परिवार के दर्द को कम करने के बजाए उसे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। सेना से रिटायर होने के बाद सिक्योरिटी ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्नल ने कहा, इस तरह के बयान देकर जनरल सिंह अपनी और सरकार की असंवेदनशीलता बयां कर रहे हैं। यह देखकर बेहद ताज्जुब हो रहा है कि विदेश राज्यमंत्री बयान पर बयान दिए जा रहे हैं और पीएम खामोश हैं। क्या पीएम सिंह के आरोपों से सहमत हैं?

Leave a Reply