सेना के जवानों को जाबांज बनाती है यह ‘शेरनी’

क्या आप जानते हैं कि भारतीय सेना के जाबांजो को युद्ध कला में पारंगत करने वालों में एक महिला भी शामिल हैं। डॉ सीमा राव seemaभारत की इकलौती महिला कमांडो ट्रेनर हैं। सीमा पिछले 20 सालों से एनएसजी, पैरा स्पेशल फोर्स, मारकोस मरीन, गरुड़ कमांडो और पुलिस के जवानों को ट्रेनिंग देती आ रही हैं। खास बात ये है कि इसके लिए सीमा ने अब तक कोई फीस नहीं ली है। सीमा डॉक्टर हैं और उन्होंने क्राइसिस मैनेजमेंट में एमबीए की डिग्री भी ली है। मार्शल आटर््स से सीमा का परिचय उनके पति मेजर दीपक राव ने कराया था। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कई गंभीर चोटें आईं, लेकिन उन्होंने अपने कदम पीछे नहीं खींचे।

नहीं मानी हार
सीमा को मिलिट्री में 7 डिग्री ब्लैक बेल्ट मिली हुई है। साथ ही उन्हें शूटिंग, फायर फाइटिंग और स्कूबा डाइविंग में भी महारथ हासिल है। इतना ही नहीं सीमा ने माउंटेनेयररिंग और रॉक क्लाइमिंग में भी कई पुरस्कार हासिल किए है। ट्रेनिंग के दौरान सीमा को एक बार इतनी गंभीर चोट लगी थी कि कुछ वक्त के लिए उनकी याददाश्त चली गई। लंबे इलाज के बाद जब सीमा ठीक हुईं, तो उन्होंने फिर से ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया।

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कई सम्मान
सीमा के पति दीपक राव को 2011 में प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया रैंक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। सीमा को भी अब तक कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्हें वर्ल्ड पीस अवॉर्ड और प्रेसीडेंट वॉलंटीयर सर्विस अवॉर्ड मिला है। सीमा मार्शल आटर््स पर बनी देश की पहली फिल्म हाथापाई की प्रोड्यूसर डायरेक्टर तो हैं ही, साथ ही उन्होंने फिल्म में रोल भी किया है।

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