ये तो होना ही था गुरू…

ये तो होना ही था गुरू…

नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वो कल भाजपा छोड़कर आप का हाथ थामने का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि ये ऐलान महज औपचारिकता भर होगा, क्योंकि यह पूरी तरह साफ है कि सिद्धू अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और आप सिद्धू को मुख्यमंत्री के रूप sidhuमें पेश कर सकती है। सिद्धू पिछले काफी वक्त से केजरीवाल के संपर्क में थे। उनके इस नए रिश्ते की चर्चा तो तभी शुरू हो गई थी, जब उन्होंने केजरीवाल की तारीफ की थी। सिद्धू भाजपा आलाकमान से काफी नाराज चल रहे थे। उनकी नाराजगी को देखते हुए ही तीन महीने पहले पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद पहुंचाया। लेकिन अब लगता है कि सिद्ध पार्टी के इस प्रयास से खुश नहीं थे।

सिद्धू की नाराजगी की शुरूआत 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान हुई। लगातार दो बार अमृतसर संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले सिद्धू को पिछली बार भाजपा ने मैदान में नहीं उतारा। उनकी जगह अरुण जेटली को अमृतसर से चुनाव लड़ाया गया। हालांकि पार्टी सिद्धू को दूसरी सीट से टिकट देना चाहती थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। कहा जाता है कि अकाली दल के दबाव में भाजपा ने सिद्धू को अमृतसर से दूर किया था। अलाकमान के इस एक फैसले ने सिद्धू को इस कदर नाराज कर दिया था कि सार्वजनिक तौर पर भी इसका आभास हो जाता था। तभी काफी हद तक ये तय हो गया था कि सिद्धू भाजपा का साथ छोड़ देंगे।

शाह कंपनी से अनबन
नवजोत सिंह सिद्धू और अमित शाह के बीच अनबन की खबरें कई बार आ चुकी हैं। सूत्र बताते हैं कि दोनों एक दूसरे को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते। वैसे अमित शाह को भाजपा के लगभग सभी वरिष्ठ नेता पसंद नहीं करते, फिर चाहे उसमें लालकृष्ण आडवाणी हों, यशवंत सिन्हा या कोई और। उधर, खबर ये भी है कि भाजपा ने निलंबित कीर्ति आजाद की पत्नी भी आप के साथ आ सकती हैं।

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