‘सिंगल’ जीत रहे सिसायत का खेल

सियासत में आजकल सिंगल ही मिंगल कर रहे हैं. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विवादित भाषणों पर चर्चा छोड़कर यदि भाजपा के दिलचस्प पहलू पर नज़र डाली जाए, तो यह पता चलता है कि पार्टी में वही नेता ऊंचाइयों को छू रहा है जो अकेला है. अटल बिहारी वाजपेयी के बाद इसका सबसे बड़ा उदाहरण नरेंद्र मोदी हैं, जो मुख्यमंत्री की कुर्सी से होते हुए आज प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए हैं. भले ही उनकी शादी हुई थी, लेकिन राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने के बाद वे अकेले ही रह रहे हैं. इसी तरह आदित्यनाथ भी सिंगल हैं और मनोहर लाल खट्टर, सर्बानंद सोनेवाल भी.

सबसे बड़ा नाम
सोनेवाल इस समय असम के मुख्यमंत्री हैं और खट्टर हरियाणा के, इस हिसाब से देखें तो तीन राज्यों की कमान भाजपा के सिंगल नेताओं के हाथ है और देश ही मोदी के हाथ. वैसे अन्य पार्टियों के भी कई नेता हैं, तो अकेले रहकर सियासत के घोड़े को सरपट दौड़ा singleरहे हैं. इनमें ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं. अगर जयललिता जीवित होतीं, तो उन्हें भी इस लिस्ट में जगह मिलती.

माया से उमा तक
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती भी अब तक कुंवारी हैं. मौजूदा संकट को छोड़ दें तो वे लम्बे समय से राजनीति में अपना लोहा मनवाती रहीं हैं. केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी अब तक शादी नहीं की है. एक ज़माने में उमा भाजपा की फायर ब्रैंड नेता थीं और उनका कद पार्टी में बहुत बड़ा था. हालांकि विवादों के चलते भाजपा छोड़कर नई पार्टी बनाने के फैसले के चलते उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा.

और राहुल भी कुंवारे
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी अब तक कुंवारे हैं, उनकी शादी की बातें ज़रूर चलीं मगर मामला उनसे आगे नहीं बढ़ा. राहुल इसलिए शादी नहीं करना चाहते क्योंकि वो अभी राजनीति में अपना भविष्य संवारना चाहते हैं. हालांकि उत्तर प्रदेश में पार्टी की हार के बाद उनके सिंगल होने को लेकर भो सोशल मीडिया पर काफी जोक बन रहे हैं.

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