Knowledge Booster: ऐसे दर्ज करें ऑनलाइन कंज्यूमर कम्प्लेंट

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कई बार ऐसा होता है कि आप कोई उत्पाद खरीदते हैं, लेकिन उसकी गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं हो पाते। उस वक्त आपके मन में ख्याल आता है कि संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन उसके लिए कंज्यूमर फोरम जाना और वहां होने वाली knowledge boosterकागजी कार्रवाई के बारे में सोचते ही आप अपना इरादा बदल देते हैं। पर यदि शिकायत दर्ज करवाने की सुविधा ऑनलाइन मिल जाए तो? सरकार उपभोक्ता की परेशानियों को कम करने के लिए कंज्यूमर ऑनलाइन रिसोर्स एंड एंपारवमेंट सेंटर नाम से एक पोर्टल चला रही है। यह एक शिकायत निवारण प्रणाली है, जिसे उपभोक्ता मामलों के विभाग की मदद से कंज्यूमर कॉर्डिनेशन काउंसिल संचालित करती है। इस साइट के माध्यम से आप बड़ी आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

क्या करना है?
शिकायत दर्ज करने के लिए आपको पहले साइट पर रजिस्टर करना होगा। इसके लिए एक फॉर्म में शिकायतकर्ता को अपनाा नाम, ईमेल, पता, फोन नंबर भरना होता है। इसके बाद आपका यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार हो जाता है।

बयां करें दर्द
आप किसी भी रजिस्टर्ड ब्रैंड या सेवा प्रदाता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। कम्प्लेंट दर्ज करते वक्त आप संबंधित दस्तावेज भी संलग्न कर सकते हैं और इस बात का भी उल्लेख कर सकते हैं कि आपको उत्पाद या सेवा से किस तरह परेशान होना पड़ा।

जानें प्रगति
शिकायत दर्ज करने के बाद आपको एक नंबर दिया जाएगा। जिसका इस्तेमाल आप अपनी कम्प्लेंट का स्टेटस जानने के लिए कर सकते हैं। साइट पर एक बार में कई शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। अपनी कम्प्लेंट का स्टेटस देखते वक्त आप यह भी पता लगा सकते हैं कि संबंधित ब्रैंड को क्या संदेश भेजा गया है। साइट पर शिकायत अंग्रेजी और हिंदी दोनों ही भाषाआंे में दर्ज करवाई जा सकती है।

Knowledge Booster: बाघ शेर नहीं होता

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बाघ, शेर, तेंदुआ और चीते को पहचानने में हम अक्सर गलती कर जाते हैं। यहां तक कि बड़े बड़े मीडिया संस्थानों के पत्रकार भी अपनी खबरों में बाघ को शेर बना देते हैं और तेंदुए को चीता। जबकि बिल्ली प्रजाति के होते हुए भी चारों में बहुत अंतर है। यहां हम आपको इसी अंतर के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप बाघ को शेर न बनाएं।

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शेर (Lion): शेर को जंगल का राजा कहा जाता है। शेर की पहचान बेहद आसान है। इसके गले में बालों का एक बड़ा घेरा होता है, जिसे इसके मुकुट के तौर पर भी देखा जाता है। इनके शरीर पर किसी तरह की धारियां नहीं होतीं। ये हल्के या गहरे भूर रंग में होते हैं। मादा यानी शेरनी की बात की जाए तो उसके गले पर बालों का घेरा नहीं होता। शेर की दहाड़ सबसे ज्यादा तेज होती है। मौजूदा वक्त में भारत में शेर सिर्फ गुजरात में ही हैं। शेर ज्यादातर सामाजिक होते हैं। यानी वो अमूमन झुंड में रहना पसंद करते हैं, जिसे प्राइड्स कहा जाता है। शेरनी समूह के लिए शिकार करती है और फिर सब उसे खाते हैं।

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बाघ (Tiger): बाघ को पहचानना भी बेहद आसान है। बाघ के शरीर पर एक ऑरेंज रंग का कोट होता है, जिस पर काले रंग की धारियां होती हैं। साथ ही इसका गले से लेकर नीचे तक का हिस्सा जगह.जगह से सफेद रहता है। शारीरिक बनावट में बाघ शेर के मुकाबले काफी लंबे और वजनी होते हैं। शेर की तुलना में बाघ अकेले रहना पसंद करते हैं, और खुद शिकार करते हैं।

leopard

तेंदुआ (Leopard): अक्सर लोग तेंदुए को चीता बोलते हैं। जबकि चीते बरसों पहले भारत से खत्म हो चुके हैं। तेंदुए के शरीर पर छोटे छोटे काले रंग के स्पॉट होते हैं। चीते की तुलना में इसकी कदकाठी भारी होती है। हालांकि, इसका आकार बाघ और शेर के मुकाबले छोटा होता है।

cheetah of Serengeti
cheetah of Serengeti

चीता (Cheetah): चीता आकार में तेंदुए की तुलना में छोटा होता है। दोनों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि चीता दहाड़ नहीं सकता। दुनिया के इस सबसे तेज जानवर की आंखों से मुंह तक गहरी काली रेखाएं होती हैं। इसका चेहरा बिल्ली प्रजाति के अन्य जीवों का तुलना में छोटा होता है। इसके शरीर पर काफी महीन काले रंग के स्पॉट होते हैं।

jaguar

जगुआर (Jaguar): अमूमन लोग तेंदुए के जगुआर कह जाते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। तेंदुए की तुलना में जगुआर का सिर बड़ा होता है और इसके शरीर के स्पॉट बड़े एवं बिखरे होते हैं। दोनों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि जगुआर अमेरिका में पाए जाते हैं, जबकि तेंदुआ एशिया और अफ्रीका में।