साजिश का शिकार तो नहीं हो रही ‘आप’?

अरविंद केजरीवाल इस वक़्त बुरे दौर से गुज़र रहे हैं. पहले चुनावों में शिकस्त और अब भ्रष्टाचार के आरोप. इन आरोपों की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि इन्हें लगाने वाले विपक्षी नहीं बल्कि केजरीवाल के अपने हैं. और यही वजह है कि हर तरफ से केजरीवाल पर सवालों की बौछार हो रही है. लोग यह जानना चाहते हैं कि भ्रष्टाचार की खिलाफत पर राजनीतिक पार्टी की नींव रखने वाला एक करिश्माई नेता क्या खुद भ्रष्टाचार में डूब गया है? आम आदमी पार्टी के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा झटका है, क्योंकि इस बार चोट सीधे उसकी जड़ों पर हुई है. और जब जड़ें कमज़ोर पड़ने लगें तो फिर पेड़ का गिरना स्वभाविक हो जाता है.
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यहां से केजरीवाल के लिए यह साबित करना बेहद मुश्किल होगा कि जो आरोप उनपर लगाएं गए हैं वो बेबुनियाद हैं. और बिना यह साबित करे वो शायद उस विश्वास को पुन: हासिल न कर पाएं, जो इस खुलासे से कुछ हद तक खो गया है. दिल्ली के पूर्व मंत्री और आप से बर्खास्त नेता कपिल मिश्रा का कहना है कि केजरीवाल ने 2 करोड़ की रिश्वत ली, इसके अलावा पार्टी के चंदे को लेकर भी सरकार को अँधेरे पर रखा गया. कपिल के आरोपों को यदि एक ऐसे व्यक्ति की प्रतिक्रिया के तौर पर स्वीकार भी लिया जाए, जो भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता, तब भी बहुत कुछ ऐसा है जो यह संदेह पैदा करता है कि आम आदमी पार्टी राजनीतिक साजिश का शिकार हो रही है. केंद्र  में सत्ता परिवर्तन के बाद से जिस तरह से एक के बाद एक आप नेता नकारात्मक कारणों से सुर्खियां बंटोर रहे हैं, क्या वो महज़ इत्तेफ़ाक है?

पिछले दो-ढाई सालों में तकरीबन रोज़ किसी न किसी आप नेता पर कोई न कोई आरोप लगा. आरोपों की यह रफ़्तार तो पश्चिम बंगाल में भी देखने को नहीं मिली जहां तृणमूल कांग्रेस और वामदल एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं. कल तक सुशिक्षित और साफ़-सुथरी छवि वाले नेताओं की पार्टी आज एक ऐसी पार्टी बन गई है, जिसके अधिकांश नेता कठघरे में खड़े हैं. क्या ये संभव है? एक-दो नेताओं के आचरण या कार्यशैली सवालों के घेरे में हो सकती है, लेकिन जब पूरी की पूरी पार्टी को एक ही नज़रिए से देखा जाए तो सवाल उठाना लाज़मी है. दरअसल आप ने भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ जिस नई राजनीति की शुरुआत की, यह उसका ही परिणाम है. जब आप कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं, तो आपको आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है. और जब आप अपनी कोशिशों में सफल हो जाते हैं तो आलोचनाएं हितों का टकराव बन जाती हैं. आप के साथ भी कुछ ऐसा ही होता नज़र आ रहा है.

kapilआम आदमी पार्टी ने एक ऐसे राजनीतिक परिदृश्य का निर्माण किया, जिसका इंतजार लोगों को लंबे वक़्त से था. एक ऐसा परिदृश्य जहां वादे महज़ वोट हासिल करने का हथियार नहीं थे, बल्कि जनता के दरकते विश्वास को मज़बूत करने का साधन थे. महज़ दिल्ली ही नहीं वीआईपी संस्कृति से मुक्त इस नई सोच की पूरे देश में सराहना हुई. थोड़े ही वक़्त में आप ने इतनी ख्याति अर्जित कर ली कि मंझे हुए राजनीतिज्ञों के मंच तक हिलने लगे. क्या ये वजह आप के खिलाफ साजिश के लिए काफी नहीं है? क्या केंद्रीय एजेंसियों का बार-बार आप पर घेरा कसना साजिश के संदेह को गहरा नहीं करता? सवाल कई हैं, जिनके जवाब खोजे जाने चाहिए और इसके लिए केजरीवाल को भी आगे आना होगा. जिस तरह से उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीधा जवाब देने के बजाय ईवीएम का मुद्दा उठाया उससे यह संदेश गया कि केजरीवाल कुछ छुपा रहे हैं फिर भले ही उनकी मंशा इसे तूल न देने की रही हो. स्थिति पहली जितनी सरल नहीं है, अब ख़ामोशी का अर्थ होगा स्वीकृति. इसलिए केजरीवाल और उनकी टीम को काउंटर अटैक के साथ ही सेल्फ डिफेन्स का प्रदर्शन भी करना होगा, वरना साजिशों के बादल और घने होते जाएंगे.

आवारा कुत्तों के चलते कातिल पहुंचा जेल

आवारा कुत्तों को नापसंद करने वालों की लंबी-चौड़ी फ़ौज है. इसलिए बीच-बीच में इन्हें मारने की आवाजें उठती रहती हैं और कहीं-कहीं चोरी छुपे इस मांग को पूरा भी कर दिया जाता है. हालांकि यह बात अलग है कि ये कुत्ते समय-समय पर किसी न किसी तरह से हमारी मदद भी करते रहते हैं. दिल्ली के संगम विहार में आवारा कुत्तों के चलते एक अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका. पुलिस भी मानती है कि यदि कुत्ते नहीं होते तो शायद हत्या जैसा अपराध कुछ वक़्त तक छुपा रहता.

dogदरअसल, स्थानीय निवासी मोहम्मद अनीस अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद उसके शव को पास के जंगल में ठिकाने लगाने ले जा रहा था. जैसे ही आवारा कुत्तों के उसे देखा भौंकना शुरू कर दिया, पहले तो अनीस उन्हें नज़रंदाज़ करके आगे बढ़ने लगा, लेकिन जब कुत्तों ने उसके पीछे दौड़ लगाई तो उसे मजबूरन शव बीच रास्ते में ही छोड़कर वहां से जाना पड़ा.

तो पता भी नहीं चलता
सुबह जब आसपास रहने वालों ने लाश देखी तो वो पहचान गए कि ये अनीस की बीवी है, इसके बाद पुलिस ने अनीस को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. अगर कुत्ते अनीस के पीछे नहीं पड़ते तो वो शव ठिकाने लगा देता और किसी को पता भी नहीं चलता कि उसकी बीवी के साथ क्या हुआ है.

पूरी रात जागते रहे पीएम, पानी तक नहीं पिया

भारतीय सेना उधर पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों का सफाया कर रही थी, इधर दिल्ली में प्रधानमंत्री की बेचैनी बढ़ रही थी। पीएम खुद पूरे अभियान पर नजर रखे हुए थे। जब तक सेना सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर वापस नहीं लौट आई तब तक पीएम न सोए, न ही उन्होंने एक बूंद पानी पिया। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी रात टहलते हुए गुजारी। पीएम के साथ साथ सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह, अजीत डोभाल को भी सेना के हर मूवमेंट की जानकारी थी। डीजीएमओ द्वारा पीएम modiको पल पल का अपडेट दिया जा रहा था। जब यह साफ हो गया कि सेना का अभियान सफल रहा, तब कहीं जाकर मोदी ने राहत की सांस ली।

एक हफ्ते से बन रही थी रणनीति
सेना कब, कहां और किस समय धावा बोलेगी यह पहले से ही तय था। एक हफ्ते से इस अभियान की रणनीति तैयार की जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, जब सेना को पीओके में आतंकियों की जमावड़े की पुख्ता जानकारी मिली तो सेनाध्यक्ष और रक्षामंत्री ने सबसे पहले पीएम को इससे अवगत कराया। पीएम ने कुछ चुनिंदा अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर कई राउंड बैठकें कीं। सारी संभावानाओं को तलाशा गया और नफे नुकसान के आकलन के बाद पीएम ने सेना को अभियान को अमल में लाने की मंजूरी दी।

आहत थे पीएम
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, उरी हमले के बाद से प्रधानमंत्री बेहद आहत थे और पाकिस्तान को इसका जवाब देना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों से सुझाव भी मांगे थे। कूटनीतिक स्तर पर पाक को घेरने की कोशिशों से मिली सफलता से पीएम खुश तो थे, लेकिन उन्हें कहीं न कहीं लग रहा था कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पड़ोसी को सख्त संदेश देने की जरूरत है। इसलिए जब पीओके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिली तो पीएम ने संभावनाएं तलाशने के बाद सेना को सर्जिकल स्ट्राइक की अनुमति दे दी।

आशिकमिजाजी गई नहीं है आसाराम की

आसाराम बापू भले ही जेल की हवा खा रहे हैं, लेकिन आशिकमिजाजी का भूत उनके सिर से अब तक नहीं उतरा है। हाल ही में एम्स में जांच के लिए गए आसाराम ने एक नर्स पर भद्दे कमेंट किए। तिहाड़ जेल से एम्स पहुंचे आसाराम को जांच से पहले डॉक्टरों ने asaram-bapuनाश्ता करने को कहा। इस पर एक एर्स उनके लिए ब्रेड और बटर लेकर आई। नर्स को देखते ही आसाराम बोल पड़े, तुम तो खुद मक्खन जैसी हैं, ब्रेड के साथ मक्खन लाने की क्या जरूरत है? तुम्हारे गाल भी सेब जैसे लाल हैं। तुम कश्मीर की होगी, तभी तुम्हारे गाल सेब जैसे लाल हैं।

जवान बना दो
आसाराम ने डॉक्टरों से कहा कि मैं तो बीमारी के चलते 80 साल का हो गया हूं। बुढ़ापा आ गया है। डॉक्टर साहब मेरा इलाज कर दो, इतनी जांचें कर ली हैं अब तक मुझे पहले जैसा बना दो। गौरतलब है कि आसाराम नाबालिग बच्चों के शारीरिक शोषण के आरोप में जेल में बंद है।

युवती को चाकुओं से गोदा, मूकदर्शक बनी रही दिल्ली

दिल्ली में सरेआम एक लड़की को चाकू से गोद दिया गया, मगर किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। मृतका की पहचान स्कूल टीचर करुणा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक मामला एक तरफ प्रेम का था, आरोपी सुरेंद्र पिछले एक साल से करुणा को smart cityपरेशान कर रहा था। मंगलवार सुबह सुरेंद्र ने करुणा पर चाकू से एक के बाद एक 28 वार किए। यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई है। गौर करने वाली बात ये है कि मौका ए वारदात पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी करुणा को बचाने की हिम्मत नहीं जुटाई। अगर कोई सुरेंद्र को रोकने की कोशिश करता, तो शायद करुणा की जान बचाई जा सकती थी।

आंखें निकालने की कोशिश
रोहिणी निवासी मृतका ने भाई ने बताया कि सुरेंद्र काफी वक्त से उसे परेशान कर रहा था। इस संबंध में परिवार ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ समय के लिए मामला शांत रहा, लेकिन फिर सुरेंद्र ने करुणा को परेशान करना शुरू कर दिया। एक चश्मदीद के मुताबिक सुरेंद्र करुणा को मारने के बाद खड़ा होकर नाचने लगा। उसने करुणा की आंखें निकालने की भी कोशिश की।

कश्मीर में फिर हमले, जवान शहीद

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कश्मीर में फिर हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को पुंछ के अल्लाह पीर में मुठभेड़ के बाद कई इलाकों से इस तरह की खबरें सुनने में आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने तीन स्थानों पर घुसपैठ की कोशिश की है। सुरक्षाबलों की ओर की जा रही कार्रवाई में चार आतंकी मारे जा चुके हैं। जबकि एक पुलिसकर्मी भी शहीद हुआ है, साथ ही 3 सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की खबर है। आतंकियों ने सुबह अल्लाह पीर इलाके में स्थित मिनी सचिवालय को निशाना बनाया। इसके बाद नौगाम सेक्टर में एलओसी के पास सुरक्षाबलों की उनसे मुठभेड़ हुई। गौरतलब है कि घाटी में माहौल गर्माने के लिए सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें लगातार जारी हैं। तकरीबन दो साल के बाद घाटी के कुछ इलाकों में सेना की तैनाती की गई है। अगर हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए तो फिर से पूरी तरह कमान सेना के हाथ में दी जा सकती है। इसके मद्देनजर घुसपैठ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

केजरी मेरी सुनते ऐसा न होता

लगातार मुश्किलों में घिर रही केजरीवाल सरकार के खिलाफ अन्ना ने लंबे वक्त चुप्पी तोड़ी है। अन्ना के मुताबिक अगर केजरीवाल उनकी बात सुनते तो शायद हालात आज ऐसे नहीं होते। अन्ना ने कहा कि केजरीवाल से जितनी उम्मीदें थीं, अब सब Anna_Hazareखत्म हो गई हैं। सेक्स स्कैंडल में फंसे दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री संदीप कुमार पर अन्ना हजारे ने कहा, दुर्भाग्य है कि अरविंद सरकार के 6 मंत्रियों में से 3 के घर जाने की नौबत आ गई। उन्होंने आगे कहा, मैं यह देखकर दुखी हूं कि केजरीवाल सरकार के कुछ सहयोगी जेल में हैं, जबकि कुछ धोखाधड़ी में लिप्त हैं। वह जब मेरे साथ थे, तब उन्होंने ग्राम स्वराज पर किताब लिखी थी। क्या अब हम इसे ग्राम स्वराज कहेंगे? मुझे केजरीवाल से जो उम्मीदें थीं, वो अब खत्म हो गई है।

कैसे सुनिश्चित करोगे?
हजारे ने कहा, मैंने केजरीवाल को समझाया था कि अपनी पार्टी लॉन्च करने के बाद तुम पूरी दुनिया घूमोगे, पूरे देश में रैलियां करोगे, लेकिन तुम यह कैसे सुनिश्चित करोगे कि जो लोग पार्टी में आएंगे उनका चरित्र अच्छा ही होगा। अन्ना के मुताबिक, तब केजरीवाल के पास इसका जवाब नहीं था।

केजरीवाल ने दिल्ली के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार को पद से हटा दिया है। अब उन पर संदीप को पार्टी से बाहर करने का दबाव है। संदीप आम आदमी पार्टी की सरकार के तीसरे मंत्री हैं, जिन्हें बीच में मंत्रीमंडल से हटाया गया है। संदीप का नाम सेक्स स्कैंडल में आने के बाद पार्टी को यह फैसला लेना पड़ा। संदीप के चलते केजरीवाल को काफी शर्मिंदगी का sandeepaapसामना करना पड़ रहा है। क्योंकि वह कई मौकों पर संदीप कुमार के आचरण की बढ़ाई कर चुके हैं। मालूम हो कि ये वही संदीप हैं, जिन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि वो घर से बाहर निकलने से पहले अपनी पत्नी के पैर छूना नहीं भूलते। एक आदर्शवादी नेता की छवि इस तरह दागदार हो जाएगी, यह केजरीवाल ने सोचा भी नहीं था। खबरों के मुताबिक, संदीप कुमार की पत्नी इस पूरे मामले को लेकर आहत और नाराज हैं। उनके लिए भी यह स्वीकारना मुश्किल है कि पैर छूने वाला पति अचानक से इस रूप में कैसे आ गया।

आरोप गलत
एक सीडी में संदीप को दो महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है। हालांकि वे इससे इंकार करते हैं। उनके कहना है कि दलित होने के चलते मुझे फंसाया जा रहा है। संदीप ने 2015 के विधानसभा चुनाव में आप की टिकट पर सुल्तानपुरा माजरा इलाके से रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी। 2012 में इंडिया अगेंस्ट करप्शन से जुड़ने से पहले वो यूपी के मेरठ में वकालत करते थे।

उड़ रहा मजाक
संदीप की सीडी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ रहा है। वहीं, भाजपा ने भी आप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा सांसद परेश रावल ने ट््वीट किया है, वो परेशान करते रहे, उसके बावजूद हम स्कैंडल करते रहे। इसी तरह दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने ट्वीट किया, संदीप कुमार का यह काम चौंकाने वाला है। ऐसे लोग मंत्री बनने के लायक नहीं हैं।

Haunted Highways: इन सड़कों से निकलने में लगता है डर

हॉन्टेड (Haunted) हाउस के बारे में तो हम सब ने काफी कुछ सुन रखा है, लेकिन देश में कुछ सड़कें भी ऐसी हैं जिन्हें हॉन्टेड कहा जाता है। इन सड़कों से रात के वक्त गुजरने वालों को काफी अजीबोगरीब अनुभव का सामना करना पड़ता है। आइए उनके बारे में जानते हैंः

दिल्ली कैंटोन्मेंट बोर्ड
इस रास्ते से गुजरने वालों का कहना है कि रात के वक्त यहां सफेद साड़ी में एक औरत नजर आती है। एक दो नहीं कई लोग इस अनुभव का सामना कर चुके हैं। यही वजह है कि अधिकतर दिल्लीवासियों को इस भूतिया सड़क से गुजरने से डर लगता है। जहां तक संभव को वे रात के वक्त इससे दूर ही रहते हैं।

haunted highwayब्लू क्रॉस रोड
चेन्नई की इस सड़क को सुसाइड रोड के नाम से भी पहचाना जाने लगा है। बीते कुछ वक्त में यहां कई आत्महत्याएं हुई हैं। लोगों का कहना है कि खुदकुशी करने वालों की आत्माएं यहां घूमती रहती हैं। उनके मुताबिक, सूरज ढलने पर एक सफेद आकृति नजर आने लगती है, जो काफी दूर तक लोगों के साथ चलती है।

ईस्ट कोस्ट रोड
चेन्नई से पांडिचेरी के बीच के इस रास्ते को भूतिया कहा जाता है। रात के वक्त यहां से सफर करने वाले ड्राइवरों के मुताबिक, सफेद साड़ी में एक औरत नजर आती है, जिससे ध्यान भंग होने के चलते एक्सीडेंट हो जाता है। औरत नजर आने के बाद ड्राइवरों को महसूस होता है कि तापमान अचानक गिर रहा है। कुछ तो यहां तक कहते हैं कि औरत के दिखते ही रीढ़ की हड्डी में दर्द होने लगता है।

रांची-जमशेदपुर एनएच 33
इस हाईवे के दोनों कोनों पर मंदिर हैं। ऐसी मान्यता है कि मंदिर में पूजा किए बिना गुजरने वालों को भूत परेशान करते हैं, जिससे हादसे होते हैं। यह सड़क देश में सबसे ज्यादा दुर्घटनाओं वाली सड़कों में शामिल है। कई ड्राइवरों ने सफेद साड़ी में महिला के देखने का दावा किया है।

haunted highwayदिल्ली-जयपुर हाईवे
दिल्ली जयपुर हाईवे से गुजरने वाले हर ड्राइवर की जुबां पर कोई न कोई डरावना किस्सा जरूर होता है। मालूम हो कि भानगढ़ का डरावना किला इसी रास्ते पर है। ड्राइवरों के मुताबिक, भानगढ़ किले के आसपास पहुंचते ही उन्हें कुछ अजीब महसूस होने लगता है। बेचैनी के चलते कई बार हादसे भी हो जाते हैं।

मुंबई- नासिक हाईवे
मुंबई नासिक हाईवे का कसारा घाट भूतिया माना जाता है। ऐसे कई किस्से यहां सामने आ चुके हैं। कभी किसी को बिना सिर वाली बुजुर्ग महिला नजर आती है तो किसी को पेड़ पर लटका बुजुर्ग दिखाई देता है। सड़क के दोनों ओर घने पेड़ होने के चलते रात के वक्त यह हिस्सा बेहद डरावना हो जाता है।

दगा किया तो मिली गोली!

हिजबुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर घाटी सुलग रही है। स्थानीय तौर पर दावा किया गया है कि वानी के जनाजे में 2 लाख लोग शामिल हुए, इससे वानी की फैन फॉलोइंग का अंदाजा लगाया जा सकता है। वानी ने घाटी में थोड़े ही वक्त में vaniखुद को एक हीरो के तौर पर स्थापित कर लिया था। उसके चाहने वालों में महिलाओं की संख्या भी काफी ज्यादा थी। वानी मूलरूप से श्रीनगर से 50 किलोमीटर दूर शरीफाबाद नामक गांव का रहने वाला था। इस गांव तक पहुंचने का रास्ता जिस तरह से टेड़ामेड़ा है, उसी तरह से वानी की जिंदगी भी चरमपंथ की आड़ी तिरछी राहों से होते हुए सुरक्षा बलों की गोली पर जाकर खत्म हुई।

   कहा जा रहा है कि वानी को सुरक्षाबल केवल इसलिए निशाना बना सके क्योंकि उसकी गर्लफ्रेंड ने उसके ठिकाने के बारे में सूचना दी थी। हालांकि ये बात अलग है कि घाटी के लोग इस बात पर यकीन नहीं करते। उनके मुताबिक बुरहान वानी के साथ चंद पल बिताने के लिए लड़कियां अपना सबकुछ कुर्बान करने को तैयार रहती थीं। ऐसे में यह जानते हुए भी कि सुरक्षा बल उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे, कोई क्यों भला मुखबरी करेगा। वैसे वानी की आशिक मिजाजी के किस्से श्रीनगर से लेकर शरीफाबाद तक फैले हैं। उसके कई महिलाओं से संबंध थे। अपनी कदकाठी और चरपमंथी विचारधारा वाले समुदाय में फिली शौहरत के चलते वह हर थोड़े वक्त में माशूका बदलता रहता था। लड़कियां इस बात को बखूबी जानती थीं कि वानी ज्यादा वक्त तक उनके साथ नहीं रहेगा बावजूद इसके वो रिश्ता बनाने को तैयार हो जाती थीं।

साथी से किया दगा
वानी के खिलाफ घाटी में कोई कुछ सुनना, बोलना नहीं चाहता। जो उसकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं, वो भी खामोश रहना पसंद कर रहे हैं। उन्हें लगता है यदि उन्होंने कुछ कहा तो उनकी जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। हालांकि दबी जुबान में वो यह स्वीकारते हैं कि वानी की रंगीन मिजाजी के चलते अंदरूनी तौर पर असंतोष बढ़ रहा था। ऐसी चर्चा है कि वानी ने अपने साथी की गर्लफ्रेंड के साथ भी संबंध बनाए थे। जिसके चलते दोनों में विवाद हुआ था। वानी के ठिकाने के बारे में उसकी महबूबाओं को कोई जानकारी नहीं होती थी, केवल साथी जानते थे कि वो कब कहां जाएगा। लिहाजा स्थानीय लोगों को लगता है कि वानी से नफरत करने वाले उसके किसी साथी ने ही मुखबरी की और गर्लफ्रेंड वाला मामला उछाल दिया ताकि उस पर किसी को शक न हो।

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लगते थे पोस्टर
22 वर्षीय वानी अपनी आतंकी सोच के चलते घाटी में पोस्टरबॉय बन गया था। आलम ये था कि वानी के पोस्टर घरों में लगे मिल जाया करते थे। सोशल मीडिया पर सक्रिय वानी का स्थानीय नेटवर्क बेहद मजबूत था। घाटी के किस घर में क्या हो रहा है, उसे हर बात की जानकारी थी। वैसे ऐसा नहीं है कि पूरी की पूरी घाटी उसे पसंद करती थी। अमन पसंद लोग वानी की सोच के विस्तारित रूप को देखकर चिंतित भी थे और आक्रोषित भी। हालांकि ये बात अलग है कि उनकी संख्या बेहद सीमित थी। कहा जाता है कि वानी बीच बीच में युवाओं से प्रत्यक्ष तौर पर मुखातिब होता था। वो तब तक उन्हें बरगलाता था, जब तक कि वो जिहाद के इस रूप को अपना नहीं लेते।

भाई के नाम पर
कहा जाता है कि वानी ने 2010 में घाटी में हुई हिंसा का हवाला देकर बंदूक उठाई। उस दौरान पुलिस के साथ संघर्ष में वानी का भाई घायल हुआ था, जिसका प्रतिशोध लेने के लिए वो आतंकी बन गया। हालांकि स्थानीय लोग बताते हैं कि वो बचपच से ही चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित था।  पाकिस्तान से भारत के प्रति आग उगलने वाले आतंकी वानी के हीरो हुआ करते थे। 2010 में जो हुआ, उसने केवल बुरहान वानी को जल्दी बंदूक उठाने के लिए प्रेरित किया।

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कई पुलिसकर्मी लापता
घाटी में हिंसा के बाद से अब तक कई पुलिसकर्मी लापता हैं। आशंका जताई जा रही है कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें अगवा कर लिया है। जो सुरक्षाकर्मी हिंसा में घायल हुए थे उनमें से कुछ ही हालत गंभीर बताई जा रही है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारी सड़कों पर फैले हैं।

जानें कैसे धधका कश्मीर
स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर कैसे नफरत और हिंसा की आग में जला, कैसे कश्मीर के युवाओं ने अमन परस्ती के बजाए पाकिस्तान के बहकावे में आकर बंदूक को अपना साथ बनाया। इस तरह के कई सवालों के जवाब आप कश्मीर पर लिखी गईं किताबों से प्राप्त कर सकते हैं। यहां हम आपकी सहायता के लिए कुछ किताबों के लिंक दे रहे हैं। जो एमाजोन पर काफी सस्ते दामों में उपलब्ध हैं।