इस आर्मी ऑफिसर ने जो कहा उसे सुनकर हिल जाएंगे आप!

एक Army ऑफिसर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें खून खराबे की बात कही गई है. ये वीडियो सामने आने के बाद सेना पर सवाल उठाने वालों को एक और मौका मिल गया है.

We have lost 212 soldiers in 3 years, hope 2018 brings peace

हमने पिछले 3 सालों में अपने 212 जवानों (Soldiers) हो खोया है. ऐसा तब है जब देश में आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति रखने वाली सरकार है. हालांकि हम उम्मीद कर सकते हैं कि मोदी सरकार 2018 में पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सख्त कदम उठाएगी और हमें अपने जवानों को यूं शहीद होते नहीं देखना पड़ेगा. देखें पूरा वीडियो:

Major Prafulla: सच्चाई जाने बिना ही वीडियो कर दिया वायरल

ख़बरों को सबसे जल्दी फ्लैश करने के चक्कर में नामी मीडिया संस्थान यह भी जांचना ज़रूरी नहीं समझते कि खबर सही है या नहीं. शहीद मेजर प्रफुल्ल अंबादास मोहरकर (Major Prafulla) का जो वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वो असल में उनका है ही नहीं. हिंदुस्तान, दैनिक जागरण सहित कई दिग्गज मीडिया संस्थानों ने अपनी वेबसाइट पर इस वीडियो को मेजर प्रफुल्ल के आखिरी शब्द बताकर शेयर किया है. जबकि 16 जनवरी 2017 को ये वीडियो सीआरपीएफ यानि केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया था. वीडियो पोस्ट करते हुए ये बताया गया था कि सीआरपीएफ के अस्टिटेंट कमांडेंट सतवंत सिंह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में किस तरह अपनी बहादुरी और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया?

दरअसल वारयल वीडियो 8 साल पहले साल 2009 का है जब असिस्टेंट कमाडेंट सतवंत सिंह छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ एक एनकाउंटर में बुरी तरह घायल हो गए थे. आपको बता दें कि वायरल वीडियो में दिख रहे सतवंत सिंह को बचा लिया गया था. सिंह फिलहाल सीआरपीएफ से रिटायर हो चुके हैं और मुंबई में रिजर्व बैंक ऑफ में तैनात हैं.

पूरी रात जागते रहे पीएम, पानी तक नहीं पिया

भारतीय सेना उधर पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों का सफाया कर रही थी, इधर दिल्ली में प्रधानमंत्री की बेचैनी बढ़ रही थी। पीएम खुद पूरे अभियान पर नजर रखे हुए थे। जब तक सेना सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर वापस नहीं लौट आई तब तक पीएम न सोए, न ही उन्होंने एक बूंद पानी पिया। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी रात टहलते हुए गुजारी। पीएम के साथ साथ सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह, अजीत डोभाल को भी सेना के हर मूवमेंट की जानकारी थी। डीजीएमओ द्वारा पीएम modiको पल पल का अपडेट दिया जा रहा था। जब यह साफ हो गया कि सेना का अभियान सफल रहा, तब कहीं जाकर मोदी ने राहत की सांस ली।

एक हफ्ते से बन रही थी रणनीति
सेना कब, कहां और किस समय धावा बोलेगी यह पहले से ही तय था। एक हफ्ते से इस अभियान की रणनीति तैयार की जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, जब सेना को पीओके में आतंकियों की जमावड़े की पुख्ता जानकारी मिली तो सेनाध्यक्ष और रक्षामंत्री ने सबसे पहले पीएम को इससे अवगत कराया। पीएम ने कुछ चुनिंदा अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर कई राउंड बैठकें कीं। सारी संभावानाओं को तलाशा गया और नफे नुकसान के आकलन के बाद पीएम ने सेना को अभियान को अमल में लाने की मंजूरी दी।

आहत थे पीएम
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, उरी हमले के बाद से प्रधानमंत्री बेहद आहत थे और पाकिस्तान को इसका जवाब देना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों से सुझाव भी मांगे थे। कूटनीतिक स्तर पर पाक को घेरने की कोशिशों से मिली सफलता से पीएम खुश तो थे, लेकिन उन्हें कहीं न कहीं लग रहा था कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पड़ोसी को सख्त संदेश देने की जरूरत है। इसलिए जब पीओके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिली तो पीएम ने संभावनाएं तलाशने के बाद सेना को सर्जिकल स्ट्राइक की अनुमति दे दी।

अब जहन्नुम में जिहाद करेंगे आतंकवादी

  • सेना के अभियान से देश में जश्न का माहौल

भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक ने 38 आतंकवादियों को जहन्नुम में पहुंचा दिया है। साथ ही 9 पाक सैनिकों की भी मौत हुई है। बुधवार रात को अंजाम दिए गए इस स्ट्राइक में भारतीय सेना ने पीओके में चल रहे 7 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस अभियान में 150 जवान शामिल थे। इस अभियान को पूरी तरह गुप्त रखा गया, पाक सेना को तब तक इस बारे में पता चला जब indian-armyभारत ने जानकारी दी। सेना के जवान हेलीकॉप्टर से पीओके में उतरे और दो किलोमीटर की दूरी रेंगकर पूरी की। उधर, पाकिस्तान इस हमले से पूरी तरह बौखला गया है। इस बात की पूरी आशंका है कि वो किसी बड़े पलटवार को अंजाम दे। इसके मद्देनजर सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जवानों की छुट्टियां रद्द हो गई हैं। इतना ही नहीं वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में आम नागरिकों के शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। पंजाब में स्कूल कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं।

4 बजे तक सब साफ
भारतीय सेना ने एलओसी पर मौजूद सात आतंकी लॉन्चपैड खत्म कर दिए। ऑपरेशन को बारामूला, राजौरी और कुपवाड़ा में तैनात सेना की 19, 25 और 28 डिविजन्स के जवानों ने अंजाम दिया। ऑपरेशन बुधवार रात साढ़े 12 बजे शुरू और सुबह 4 बजे तक चलता रहा। सेना को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी सूरत में 4 बजे तक ऑपरेशन खत्म हो जाना चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सात दिन तक पूरी प्लानिंग की गई। ये हमले हॉटस्प्रिंग, केल और लिपा सहित चार सेक्टर में किए गए।

फिर करेंगे हमला
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गृहमंत्रालय में हुई सर्वदलीय बैठक में डीजीएमओ ने साफ कर दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो इस तरह के और भी हमलांे को अंजाम दिया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों ने सेना के इस अभियान की तारीफ की है। सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दे दिए हैं कि वो आतंकवाद को अब बर्दाश्त नहीं करेगा।

जश्न का माहौल
सेना की इस कार्रवाई को लेकर पूरे देश में जश्न का माहौल है। आगरा में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपनी खुशी का इजहार किया। शहर के सदर बाजार इलाके में शाम के वक्त लोग जमा हुए और आतिशबाजी के साथ मिठाइयां भी बांटी गईं। इसी तरह राजस्थान में भी लोग सड़कों पर उतरे। छत्तीसगढ़ में सेना की कार्रवाई का जश्न मनाया गया। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर किसी त्यौहार की तरह एक दूसरे को बधाई दी।

पाक को मिला जवाब, बौखलाए नवाज

  • भारतीय सेना का सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक, दो पाक सैनिकों की मौत

भारतीय सेना ने पाकिस्तान को उसी की जुबान में जवाब दिया है। सेना ने पाक के साथ लगती नियंत्रण रेखा के पास चरमपंथी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक्स की है। जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और 10 के घायल होने की भी खबर है। भारतीय indian-armyसेना के इस कदम से पाक पूरी तरह बौखला गया है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इसे हमला करार दिया है। सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने बताया कि ये स्ट्राक्स बुधवार रात को नियंत्रण रेखा पर आतंकी अड्डों पर की गईं, इस बात की पक्की जानकारी मिली थी कि आतंकवादी नियंत्रण रेखा पर जमा हो रहे हैं। सेना ने इस बारे में पाकिस्तान को सूचित कर दिया है।

दहलाने की थी योजना
लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा, भारत किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, चरमपंथी भारत में घुसकर कई अहम शहरों पर हमला करने की योजना रखते थे। पुंछ सेक्टर में ही सितंबर में घुसपैठ की तकरीबन 20 कोशिशों को सेना ने नाकाम किया था।

पाक का इंकार
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि गोलीबारी रात के ढाई बजे से शुरू हुई और सुबह के आठ बजे तक चलती रही। यह कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं है, ये सीमा पार से फायरिंग थी जो पहले भी होती रही है। पाक सेना का कहना है कि यदि उसकी जमीन पर कोई सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं, नवाज शरीफ ने मारे गए सैनिकों को श्रृद्धांजलि देते हुए हमले की कड़ी निंदा की है।

क्या सेना की चूक से हुआ हमला?

उरी में हुआ हमला क्या सेना की चूक का परिणाम था? यह सवाल अब पूछा जाने लगा है। कई ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जिससे यह साफ होता है कि कहीं न कहीं सुरक्षा में कोताही बरती गई। जिसके चलते आतंकी इतने बड़े हमले को अंजाम दे सके। uriसूत्रों के मुताबिक, 12 13 सितंबर को ऐसे किसी हमले की की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसे सेना से साझा भी किया गया था। इसमें कहा गया था कि 12 इंफैंट्री ब्रिगेड को निशाना बनाया जा सकता है। आतंकियों ने काला पहाड़ ब्रिगेड कैंप में दो जगह घुसपैठ की। दोनों ही जगह कटे तार मिले हैं। इसके बाद आतंकी करीब 150 मीटर तक अंदर चले आए। सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने संवेदनशील क्षेत्र में आतंकी कैसे इतना अंदर दाखिल होने में सफल रहे? क्यों किसी की नजर उन पर नहीं गई? एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम 28 अगस्त से सीमा पर तैनात थी और जानकारी थी कि वो किसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दे सकती है।

सबसे बड़े सवाल
सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर आतंकियों को सेना के शिविर के बारे में इतनी सटीक जानकारी कैसी थी। खुफिया एजेंसियां इस बात की जांच में लगी हैं कि क्या उन्हें अंदरूनी तौर पर किसी शख्स से सहायता मिली थी। सेना का दावा है कि फेंस के चारों ओर फ्लड लाइट होती हैं, अब सवाल ये है कि ऐसे में किसी की नजर तार काटते आतंकियों पर क्यों नहीं गई? जैसा कि कहा जा रहा है अगर वॉशरूम पोस्ट से गोली चली तो उसके निशान कहीं क्यों नहीं हैं? घाटी में घुसपैठ की लगातार मिल रहीं खबरों के बीच भी उरी में सुरक्षा में इतनी ढिलाई क्यों बरती गई?

10 आतंकियों को जहन्नुम पहुंचाया

  • सेना ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

उरी में सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे 10 आतंकियों को जहन्नुम पहुंचा दिया है। खबरों के मुताबिक, कुल 15 आतंकवादी घुसपैठ की फिराक मे थे, जिसमें से सेना ने अब तक 10 को ढेर कर दिया है। बाकी आतंकियों से मुठभेड़ जारी है। इसके अलावा indianarmyजम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में भी सेना और दहशतगर्दों के बीच मुठभेड़ चल रही है। इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। गौरतलब है कि रविवार को आर्मी कैंप पर हुए हमले में 19 जवान शहीद हुए थे, इसके बाद से सेना द्वारा बड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है। मालूम हो कि पाकिस्तान की तरफ से इस इलाके में सीजफायर उल्लंघन भी किया जा रहा है। पाक की तरफ से करीब 20 राउंड गोलीबारी की गई, जिसकी भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।

पाक मीडिया डरा
उरी हमले के बाद से पाक मीडिया सख्ते में है। पाकिस्तान के अखबार डॉन की वेबसाइट पर एक लेख में बताया गया है कि पाकिस्तान को क्या क्या नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। पाक सरकार भी अपने लिए समर्थन जुटाने में लगी है। चीन और मुस्लिम देशों से भारत के खिलाफ उसका साथ देने का आव्हान किया जा रहा है।

‘वो बम फेंक रहे हैं, हमें मार देंगे’

  • हमले से दो दिन पहले ही घर लौटने की इच्छा जताई थी शहीद ने

उरी हमले में शहीद हुए जवानों के परिजन इंसाफ चाहते हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पाकिस्तान को करारा जवाब देने की अपील की है। इस हमले से जहां पूरा देश स्तब्ध है, वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर कब तक हमारे जवान यूं ही शहीद होते रहेंगे। घाटी में सुरक्षा बल आतंकियों के निशाने पर शुरू से रहे हैं, लेकिन इस तरह भारतीय सीमा में घुसकर आर्मी बेस पर हमला 26 kashmirattackसाल में पहली बार हुआ है। तमाम राजनीतिक दलों ने भी पाकिस्तान के इस कृत्य की निंदा करते हुए सरकार से कहा है कि वो बातों से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाए।

मेरा बेटा बहुत छोटा था
हमले में शहीद हुए नायक एसके विद्यार्थी की बेटी ने नम आंखों से कहा, हमलावरों को माकूल जवाब दिया जाना चाहिए। शहीद अशोक की पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। पाकिस्तान को गाली देते हुए वो कहती हैं, पाक को कुत्ता है, उसके बारे में क्या कहूं। शहीद जी दलाई के पिता ने सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए यह सवाल भी उठाया कि आखिर उनके बेटे को वहां क्यों भेजा गया। उन्होंने कहा, मेरा बेटा महज 22 साल का था, जबकि उरी आमतौर पर वरिष्ठों को भेजा जाता है। दलाई की मां ने कहा, उसने गुरुवार को मुझे फोन पर कहा था कि मैं यहां से चला जाऊंगा। यहां बम फेंके जा रहे हैं, वे हमें मार देंगे।

रणनीति तैयार
उधर, सरकार ने पाकिस्तान को घेरने के लिए खास रणनीति तैयार की है। सोमवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैइक में पाक को दुनिया से अलग थलग करने और उसे आतंकी देश घोषित करवाने का फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि शुरुआती जांच में आतंकियों के पास से मिले पाकिस्तानी हथियार, जीपीएस डेटा और पश्तो भाषा में लिखे नोट्स बताते हैं कि वो सीमा पार से आए थे। भारत इन्ही सबूतों के बल पर पाक को घेरेगा।

फिर शहीद हुए जवान, फिर मिला कार्रवाई का भरोसा

  • कश्मीर में आर्मी बेस पर सबसे बड़ा हमला

कश्मीर में सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए आतंकियों ने उरी सेक्टर में मौजूद आर्मी हेडक्वॉर्टर पर रविवार सुबह हमला बोला। जिसमें 17 जवान शहीद हो गए। पिछले 26 सालों में कश्मीर में पहली बार किसी आर्मी बेस पर इतना बड़ा हमला किया गया है। सेना की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई में 5 आतंकियों के मारे जाने की भी खबर है। प्रधानमंत्री ने हमले पर दुख जताते हुए J&Kभरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के मुताबिक, चार फिदायीन आतंकी सुबह 4 बजे एलओसी से सटे उरी सेक्टर में स्थित सेना के मुख्यालय में दाखिल हुए। तार काटकर कैंप में पहुंचने के बाद उन्होंने धमाके किए, साथ ही एडमिनिस्ट्रिेटिव बैरक को भी आग लगा दी। स्थिति को काबू करने के लिए सेना ने पैराकमांडो टीम को मौके पर एयरड्रॉप किया।

इसलिए बड़ा हमला
किसी भी आर्मी बेस कैंप पर किया गया ये सबसे बड़ा हमला है। इससे पहले पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में 7 जवान शहीद हुए थे। 16 साल पहले दिल्ली के लाल किले में आर्मी बेस पर किए गए हमले में 3 जवान शहीद हुए थे, जबकि इस हमले में 17 जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। गौरतलब है कि 2014 में उरी सेक्टर में ही झेलम नदी के रास्ते घुसे 6 आतंकियों ने इस कैंप सहित चार ठिकानों पर हमला किया था। जिसमें सेना के 8 और पुलिस के 3 जवान शहीद हुए थे।

सिखाएंगे सबक
हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम ने कहा, कायराना आतंकी हमले की हम पुरजोर निंदा करते हैं। मैं देश को भरोसा दिलाता हूं कि इस घिनौने हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उधर, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपना रूस दौरा टाल दिया है। राजनाथ ने दोपहर को उच्च स्तरीय बैठक ली, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार भी शामिल थे।