Must watch video…सोते तेंदुए पर शेर ने बोला हमला

दक्षिण अफ्रीका के सेबी सैंड्स रिजर्व में सफारी का आनंद उठा रहे पर्यटक शेर और तेंदुए की भिडंत का गवाह बने। आप Video में देख सकते हैं  कि शेर ने दबे पांव आकर सुस्ता रहे तेंदुए पर हमला बोल दिया, हालांकि तेंदुआ किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब रहा। आमतौर पर ऐसे एंकाउंटर में तेंदुए को अपनी जान गंवानी पड़ती है। अगर शेर का पंजा पूरी तरह से तेंदुए को लग जाता तो शायद वो भागने की स्थिति में नहीं होता।

हनीमून में तेंदुए का खलल

नैनीताल के एक होटल में तेंदुआ हनीमून मना रहे पति पत्नी के कमरे में जा घुसा। पति ने समझदारी दिखाते हुए किसी तरह तेंदुआ को बाथरूम में बंद करके दोनों की जान बचाई। तेंदुआ खिड़की तोड़कर कमरे में दाखिल हुआ था। खबर मिलते ही पुलिस leopऔर वनविभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बाथरूम के रोशनदान को तोड़कर तेंदुए को बेहोश करने का प्रयास किया गया, लेकिन वो सबको चकमा देकर भाग निकला। घटना रविवार सुबह तकरीबन 5 बजे की है। स्थानीय खबरों के मुताबिक जंगल से भटककर आए इस तेंदुए के पीछे कुत्तों का झुंड पड़ा हुआ था। उनसे बचने के चक्कर में ही वो तल्लीताल बाजार स्थित शशि होटल में जा घुसा।

कंबल का सहारा
खिड़की का शीशा टूटने की आवाज सुनकर जैसे ही मेरठ निवासी सुमित की आंख खुली तो कुछ देर के लिए खुली की खुली ही रह गईं। उसने अपनी पत्नी को शांत रहने को कहा और दोनों कंबल ओड़कर लेटे रहे। कुछ देर बाद सुमित ने कंबल हटाकर देखा तो तेंदुआ बाथरूम की ओर जा रहा था। उसने दबे पांव उसके पीछे गया और दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद होटल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई।

दे गया चकमा
खबर मिलते ही पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। तेंदुए को बाथरूम का दरवाजा खोलकर निकालना घातक हो सकता था। इसलिए अधिकारियों ने बाथरूम के रोशनदान को तोड़कर बड़ा किया ताकि तेंदुए को बेहोश किया जा सके, लेकिन तेंदुआ उसी रोशनदान से निकलकर फरार हो गया।

Knowledge Booster: बाघ शेर नहीं होता

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बाघ, शेर, तेंदुआ और चीते को पहचानने में हम अक्सर गलती कर जाते हैं। यहां तक कि बड़े बड़े मीडिया संस्थानों के पत्रकार भी अपनी खबरों में बाघ को शेर बना देते हैं और तेंदुए को चीता। जबकि बिल्ली प्रजाति के होते हुए भी चारों में बहुत अंतर है। यहां हम आपको इसी अंतर के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप बाघ को शेर न बनाएं।

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शेर (Lion): शेर को जंगल का राजा कहा जाता है। शेर की पहचान बेहद आसान है। इसके गले में बालों का एक बड़ा घेरा होता है, जिसे इसके मुकुट के तौर पर भी देखा जाता है। इनके शरीर पर किसी तरह की धारियां नहीं होतीं। ये हल्के या गहरे भूर रंग में होते हैं। मादा यानी शेरनी की बात की जाए तो उसके गले पर बालों का घेरा नहीं होता। शेर की दहाड़ सबसे ज्यादा तेज होती है। मौजूदा वक्त में भारत में शेर सिर्फ गुजरात में ही हैं। शेर ज्यादातर सामाजिक होते हैं। यानी वो अमूमन झुंड में रहना पसंद करते हैं, जिसे प्राइड्स कहा जाता है। शेरनी समूह के लिए शिकार करती है और फिर सब उसे खाते हैं।

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बाघ (Tiger): बाघ को पहचानना भी बेहद आसान है। बाघ के शरीर पर एक ऑरेंज रंग का कोट होता है, जिस पर काले रंग की धारियां होती हैं। साथ ही इसका गले से लेकर नीचे तक का हिस्सा जगह.जगह से सफेद रहता है। शारीरिक बनावट में बाघ शेर के मुकाबले काफी लंबे और वजनी होते हैं। शेर की तुलना में बाघ अकेले रहना पसंद करते हैं, और खुद शिकार करते हैं।

leopard

तेंदुआ (Leopard): अक्सर लोग तेंदुए को चीता बोलते हैं। जबकि चीते बरसों पहले भारत से खत्म हो चुके हैं। तेंदुए के शरीर पर छोटे छोटे काले रंग के स्पॉट होते हैं। चीते की तुलना में इसकी कदकाठी भारी होती है। हालांकि, इसका आकार बाघ और शेर के मुकाबले छोटा होता है।

cheetah of Serengeti
cheetah of Serengeti

चीता (Cheetah): चीता आकार में तेंदुए की तुलना में छोटा होता है। दोनों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि चीता दहाड़ नहीं सकता। दुनिया के इस सबसे तेज जानवर की आंखों से मुंह तक गहरी काली रेखाएं होती हैं। इसका चेहरा बिल्ली प्रजाति के अन्य जीवों का तुलना में छोटा होता है। इसके शरीर पर काफी महीन काले रंग के स्पॉट होते हैं।

jaguar

जगुआर (Jaguar): अमूमन लोग तेंदुए के जगुआर कह जाते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। तेंदुए की तुलना में जगुआर का सिर बड़ा होता है और इसके शरीर के स्पॉट बड़े एवं बिखरे होते हैं। दोनों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि जगुआर अमेरिका में पाए जाते हैं, जबकि तेंदुआ एशिया और अफ्रीका में।