Salute: बुजुर्ग ड्राइवर ने बचाई महिला की आबरू

मुुंबई में एक महिला को गुंडों से बचाने वाले बुजुर्ग कैब ड्राइवर की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। ह्यूमंस ऑफ बांबे फेसबुक पेज पर इस घटना का पूरा ब्यौरा दिया गया है। 17 अक्टूबर की इस पोस्ट को 2200 बार शेयर किया जा चुका है। फेसबुक पर कमेंट करने वालों ने इस कैब ड्राइवर को चाचा कहकर सम्बोधित किया है। यह ड्राइवर पिछले 35 सालों से कैब चला रहा है।

cabdकाम आया तरीका
पोस्ट के मुताबिक रात साढ़े बारह बजे के आसपास कैब ड्राइवर ने देखा कि सुनसान सड़क पर अकेली जा रही और कुछ लोग उसके पीछे हैं। वो लोग सीटियां बजा रहे थे और महिला पर अश्लील फब्तियां कस रहे थे। कैब ड्राइवर सड़क के दूसरी तरफ था। वो जानता था कि तीन लोगों को अकेले संभालना उसके लिए संभव नहीं होगा, इसलिए उसने गुंडों का ध्यान भटकाने के लिए तेजी से हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गुंडे घबरा गए और दूसरे दिशा में भाग निकले।

घर तक छोड़ा
इसके बाद कैब ड्राइवर महिला के पास गया और मदद की पेशकश की। ड्राइवर के मुताबिक, उसका चेहरा डर के चलते पीला पड़ गया था। गाड़ी में बैठने के कुछ मिनट तक वह पूरी तरह खामोश रही। घर आने पर जब वो उतरी तो उसने मेरे दोनों हाथ पकड़कर रोना शुरू कर दिया और बार बार शुक्रिया कहने लगी। मुझे रुकने का कहकर वो घर के अंदर चली गई। जब लौटकर आई तो उसके हाथ में एक रसगुल्ले का डिब्बा था। उसने मुझसे कहा कि मैं इसे अपने परिवार के लिए ले जाऊं।

क्या फिर निशाने पर है मुंबई?

उरी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घिरा पाकिस्तान भारत को फिर दहलाने की साजिश रच सकता है। मुंबई में संदिग्ध बंदूकधारियों को देखे जाने के बाद इस बात की आशंका और बढ़ गई है। कुछ स्कूली बच्चों ने तकरीबन पांच संदिग्ध लोगों को mumbaiदेखा, जिनके चेहरे ढंके हुए थे। सभी के हाथों में बंदूक थी और वो किसी दूसरी भाषा में बातें कर रहे थे। खबर मिलते ही नेवी ने तत्काल हरकत में आते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। गौरतलब है कि मुंबई से महज 50 किलोमीटर दूर उरण में नौसेना का आयुद्ध भंडारण संयंत्र है।

बच्चों की समझदारी
जानकारी के मुताबिक, बच्च संदिग्धों की बातचीत में से केवल ओएनजीसी और स्कूल शब्द समझ सके। सभी ने पठान सूट पहने हुए थे और उनकी पीठ पर बैग भी थे। बच्चों ने समझदारी दिखाते हुए इस बात की जानकारी स्कूल प्रशासन को दी और स्कूल ने पुलिस को इससे अवगत कराया। नौसेना के एक अधिकारी ने कहा, हम ऐसी सूचना को हल्के में नहीं ले सकते। पुलिस और आतंक रोधी दस्ते को अलर्ट कर दिया गया है।

तुरंत दें जानकारी
कोलाबा पुलिस ने टोल फ्री नंबर 022852885 जारी किया है, जिस पर लोग संदिग्धों से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कुछ भी संदिग्ध नजर आता है तो तत्काल उसे सूचित किया जाए। मालूम हो कि 2008 में समुद्र के रास्ते दाखिल हुए 10 आतंकियों ने मुंबई को बंधक बनाते हुए 166 लोगों को मौत के घाट उतारा था।

गणपति विसर्जन के दौरान पुलिस और गणेश भक्तों में नोंकझोंक आम बात है, लेकिन मुंबई में जो कुछ हुआ उसने पुलिसकर्मियों mumbaiको सकते में डाल दिया है। डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन के मौके पर मुंबई में कुछ लोगों ने न केवल पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की बल्कि उसे डुबोने का प्रयास भी किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर पर नजर आ रहा है कि कुछ लोग उसे तालाब में डुबाने की कोशिश कर रहे हैं।

पीडि़त पुलिसकर्मी का नाम नितिन डोदडे है। घटना मंगलवार को ठाणे में हुई। जानकारी के मुताबिक, नितिन भीड़ को संभालने के लिए डंडे का इस्तेमाल कर रहे थे। इससे कुछ लोग इतने भड़क गए कि उनके साथ मारपीट करने लगे। एक युवक उन्हें खींचकर तालाब में ले गया और डुबोने का प्रयास करने लगा। उससे पीछा छुड़ाकर जैसे ही नितिन पानी से बाहर निकले कुछ अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। सभी आरोपी वॉलंटियर की वेशभूषा में थे। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

देश में नहीं मिला एडमिशन, यूएस ने पहचानी प्रतिभा

ज्ञान किसी प्रमाणपत्र का मोहताज नहीं होता, मुंबई निवासी मालविका जोशी ने इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है। मालविका को अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने दाखिला मिल गया है। mumbaigirlदिलचस्प बात यह है कि मालविका के पास न तो 10वीं सर्टिफिकेट है और न 12वीं का। बावजूद इसके एमआईटी ने अपने दरवाजे उनके लिए खोल दिए हैं। यह सबकुछ कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में मालविका के ज्ञान की बदौलत संभव हो सका। यहां गौर करने वाली बात ये भी है कि 12वीं पास नहीं होने के चलते मालविका को देश के आला दर्जे के आईआईटी संस्थानों में प्रवेश नहीं मिल रहा था। दरअसल, मालविका ने इंटरनेशनल ओलिंपियाड ऑफ इंफॉरमैटिक्स (IOI) में तीन बार मेडल जीते थे। जिसके चलते एमआईटी ने उन्हें स्कॉलरशिप प्रदान की है।
मेहनत सफल
एमआईटी में विभिन्न ओलिंपियाड के मेडल विजेताओं को प्रवेश देने का नियम है। मालविका अब अपने मेडल की बदौलत अपने सपने को पूरा कर सकेंगी। वो कंप्यूटर प्रोग्रामिंग पर रिसर्च करना चाहती हैं। चार साल पहले मालविका की मां सुप्रिया ने उन्हें स्कूल से निकाल लिया था। स्कूल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बावजूद मां के इस फैसले से मालविका भी अचरज में थीं, लेकिन उन्होंने अपनी मां पर भरोसा बनाए रखा। सुप्रिया कहती हैं, मेरे पति राज शुरुआत में मेरे निर्णय से सहमत नहीं थे। मैंने एनजीओ की नौकरी छोड़कर स्कूल जैसे पाठ्यक्रम मालविका के लिए तैयार किए। मैंने घर पर ही क्लासरूम जैसा माहौल बनाया था। मैं अपनी बेटी को किताबी ज्ञान से ज्याद देना चाहती थी, आज लगता है मैं उसमें सफल हुई।


Haunted Highways: इन सड़कों से निकलने में लगता है डर

हॉन्टेड (Haunted) हाउस के बारे में तो हम सब ने काफी कुछ सुन रखा है, लेकिन देश में कुछ सड़कें भी ऐसी हैं जिन्हें हॉन्टेड कहा जाता है। इन सड़कों से रात के वक्त गुजरने वालों को काफी अजीबोगरीब अनुभव का सामना करना पड़ता है। आइए उनके बारे में जानते हैंः

दिल्ली कैंटोन्मेंट बोर्ड
इस रास्ते से गुजरने वालों का कहना है कि रात के वक्त यहां सफेद साड़ी में एक औरत नजर आती है। एक दो नहीं कई लोग इस अनुभव का सामना कर चुके हैं। यही वजह है कि अधिकतर दिल्लीवासियों को इस भूतिया सड़क से गुजरने से डर लगता है। जहां तक संभव को वे रात के वक्त इससे दूर ही रहते हैं।

haunted highwayब्लू क्रॉस रोड
चेन्नई की इस सड़क को सुसाइड रोड के नाम से भी पहचाना जाने लगा है। बीते कुछ वक्त में यहां कई आत्महत्याएं हुई हैं। लोगों का कहना है कि खुदकुशी करने वालों की आत्माएं यहां घूमती रहती हैं। उनके मुताबिक, सूरज ढलने पर एक सफेद आकृति नजर आने लगती है, जो काफी दूर तक लोगों के साथ चलती है।

ईस्ट कोस्ट रोड
चेन्नई से पांडिचेरी के बीच के इस रास्ते को भूतिया कहा जाता है। रात के वक्त यहां से सफर करने वाले ड्राइवरों के मुताबिक, सफेद साड़ी में एक औरत नजर आती है, जिससे ध्यान भंग होने के चलते एक्सीडेंट हो जाता है। औरत नजर आने के बाद ड्राइवरों को महसूस होता है कि तापमान अचानक गिर रहा है। कुछ तो यहां तक कहते हैं कि औरत के दिखते ही रीढ़ की हड्डी में दर्द होने लगता है।

रांची-जमशेदपुर एनएच 33
इस हाईवे के दोनों कोनों पर मंदिर हैं। ऐसी मान्यता है कि मंदिर में पूजा किए बिना गुजरने वालों को भूत परेशान करते हैं, जिससे हादसे होते हैं। यह सड़क देश में सबसे ज्यादा दुर्घटनाओं वाली सड़कों में शामिल है। कई ड्राइवरों ने सफेद साड़ी में महिला के देखने का दावा किया है।

haunted highwayदिल्ली-जयपुर हाईवे
दिल्ली जयपुर हाईवे से गुजरने वाले हर ड्राइवर की जुबां पर कोई न कोई डरावना किस्सा जरूर होता है। मालूम हो कि भानगढ़ का डरावना किला इसी रास्ते पर है। ड्राइवरों के मुताबिक, भानगढ़ किले के आसपास पहुंचते ही उन्हें कुछ अजीब महसूस होने लगता है। बेचैनी के चलते कई बार हादसे भी हो जाते हैं।

मुंबई- नासिक हाईवे
मुंबई नासिक हाईवे का कसारा घाट भूतिया माना जाता है। ऐसे कई किस्से यहां सामने आ चुके हैं। कभी किसी को बिना सिर वाली बुजुर्ग महिला नजर आती है तो किसी को पेड़ पर लटका बुजुर्ग दिखाई देता है। सड़क के दोनों ओर घने पेड़ होने के चलते रात के वक्त यह हिस्सा बेहद डरावना हो जाता है।

लापरवाही के ऑडिट में बहा पुल!

मुंबई से गोवा को जोड़ने वाला पुल मंगलवार देर रात गिर गया। जिसके चलते राज्य परिवहन निगम की दो बसों सहित कई वाहन उफनती सावित्री नदी में बह गए। इन बसों में 30 से ज्यादा लोग सवार बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी इस बात का सही पता लगाना mumbai-goa bridgeबेहद मुश्किल है कि कुल कितने वाहन बहे, क्योंकि घटना के वक्त चारों ओर अंधेरा था। घटना की खबर मिलते ही पुणे से एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मुंबई गोवा हाईवे पर स्थित महाड के पास सावित्री नदी पर बना यह पुल लगभग 88 साल पुराना था। इसे अंग्रेजों ने तैयार करवाया था। इसी पुल के समानंतर एक नया पुल भी बनाया गया है, जिससे भी वाहन गुजरते हैं।
ये कैसा ऑडिट
इस दुर्घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली की पोल भी खोल दी है। पुल का इसी साल मई में ऑडिट करवाया गया था। ऑडिट रिपोर्ट में पुल को एकदम फिट करार दिया गया था। बावजूद इसके पुल सावित्री नदी में ताश के पत्तों की तरह बह गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने पुराने पुल को मूसलाधार बारिश के मौसम में यातायात के लिए बंद क्यों नहीं किया गया। अगर पुल पर बड़े, भारी वाहनों की आवाजाही बंद की गई होती तो शायद हादसे से बचा जा सकता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुल काफी पुराना था और इस वजह उसमें कहीं कहीं दरारें भी उभर आई थीं। नया पुल बनने से इसका भार थोड़ा कम जरूर हुआ था, मगर भारी बारिश के चलते पुल इतना कमजोर हो गया कि वाहनों का बोझ नहीं सह सका।

अब खुली नींद
मुंबई सहित देश को हिलाने वाले इस घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनविस की नींद खुल गई है। मुख्यमंत्री ने पीडब्लूडी विभाग को सभी पुल, नालों का ऑडिट करने का आदेश दिया है। सामान्य तौर पर बारिश आदि के मौसम में पुराने पुलों की दुरुतगी की जांच कराई जाती है, लेकिन ये जांच कैसी होती है इसका अंदाजा सावित्री नदी पर बने पुल से लगाया जा सकता है। यदि बारिश और सावित्री नदी के बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अमले ने पुल की जांच की होती तो शायद हादसे को टाला जा सकता था।

दो शव बरामद
राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ के अलावा, कोस्ट गार्ड का चेतक और वायुसेना का एमआई17 हेलीकॉप्टर भी जुटा हुआ है। देर शाम तक दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए थे। सावित्री नदी में आई बाढ़ और बारिश के चलते बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। वहीं प्रधानमंत्री ने भी घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता की पेशकश की है।

मदद के लिए रुके, मौत ने दबोचा

  • पुणे मुंबई एक्सप्रेस वे पर हादसा, 17 की मौत

पुणे मुंबई एक्सप्रेस पर रविवार तड़के हुए एक सड़क हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई। जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों accidentको नवी मुंबई के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम के मुताबिक, पुणे से मुंबई आ रही एक मारुति स्विफ्ट कार का टायर पनवेल के पास पंक्चर हो गया था। पीछे से आ रही इनोवा कार के यात्रियों की मदद के लिए वहां रुकी। जब लोग कार का टायर बदल रहे थे, तभी पीछे से एक प्राइवेट बस ने दोनों कारों को टक्कर मार दी। जिससे बस और इनोवा 20 फुट गहरी खाई में जा गिरीं। सुबह करीब सवा तीन बजे हुए इस हादसे में एक महीने के बच्चे, 10 महिलाओं और 6 पुरुषों सहित 17 लोगों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही नवी मुंबई पुलिस और हाईवे पुलिस की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। घायलों को मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ भी हालत गंभीर बताई जा रही है।

Mallya: करोड़ों का कर्ज पर जश्न जारी है

कहते हैं जिसके सिर पर कर्ज हो उसे नींद नहीं आती, लेकिन विजय माल्या को देखकर ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता। Mallya न केवल चैन की नींद ले रहे हैं, Mallyaबल्कि जश्न भी मना रहे हैं। यूनाइटेड ब्रेवरीज के मालिक विजय माल्या ने हाल ही में अपना जन्मदिन गोवा में धूमधाम के साथ मनाया। माल्या पर करोड़ों रुपए का कर्ज है। देश की सबसे बड़ी बैंक एसबीआई ने उन्हें ऐच्छिक डिफॉल्टरों की सूची में डाला हुआ है। यानी डिफॉल्टर जो जानबूझकर लोन अदायगी नहीं कर रहे। माल्या इस अंदाज पर बीते दिनों आरबीआई गर्वनर रघुराम राजन ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि आपकी कंपनी कर्ज में डूबी है और उसके बाद भी आलिशान पार्टियां कर रहे हैं, तो सरासर गलत है। इससे संदेश जाता है कि आपको किसी की परवाह नहीं। राजन ने आगे कहा था, यदि आप मुश्किल में हैं तो आपको अपने खर्चे कम करने चाहिए, सार्वजनिक जीवन में भोंडे कार्यक्रमों के आयोजन से बचना चाहिए।
अभी तो 20 का हूं
माल्या लंबे वक्त से कर्ज में डूबे हैं, बावजूद इसके उनके शाही शौक में किसी तरह की कमी नहीं आई है। यहां तक कि जब किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारी सैलरी के लिए तरस रहे थे, माल्या किंगफिशर कैलेंडर पर करोड़ों लुटा रहे थे। विजय माल्या को देखकर कहीं से भी नहीं लगता कि उन्हें किसी किस्म की चिंता है। मुंबई में किंगफिशर अल्ट्रा इंडियन डर्बी के आयोजन के दौरान इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में माल्या ने कहा था, मैंने अपने दोस्तों से कहा कि मैं 60 का नहीं, बल्कि तीसरी बार 20वां जन्मदिन मना रहा हूं।

Inspiration: जिंदगी ने छीने अपने, बचा रहे दूसरों की जिंदगी

कई बार ऐसा होता है कि चलते-चलते आप सड़क पर पड़े पत्थर से टकरा जाते हैं, आप कुछ देर रुककर पत्थर फेंकने वाले को गालियां देते हैं और फिर आगे accidentबढ़ जाते हैं। बिना इस बात की परवाह किए कि वो पत्थर कुछ और लोगों को चोटिल कर सकता है। केवल आप ही नहीं, अधिकतर लोगों की प्रतिक्रिया ऐसी ही होती है। मगर दादराव बिल्लोरे और नेहा चराटी थोड़े अलग हैं। दूसरों की गलती की सजा भुगत रहे दादराव और नेहा अब इस जद्दोजहद में लगे हैं कि किसी अन्य को उस पीड़ा से न गुजरना पड़े, जो जिंदगी ने उन्हें दी है। दादराव को सड़क पर जब भी कोई गड्डा नजर आता है, वो उसे भरने बैठ जाते हैं। ठीक इसी तरह नेहा को जब नियम विरुद्ध बनाए गए किसी स्पीड ब्रेकर का पता चलत है तो वो उसे दुरुस्त करने वहां पहुंच जाती हैं। ददाराव और नेहा की कहानी हम सभी के लिए Inspiration है।

लापरवाही के गड्डे ने छीना बेटा
मुंबई निवासी दादराव बिल्लोरे ने पिछले साल 28 जुलाई को एक सडक़ हादसे में अपने 16 साल के बेटे प्रकाश को खो दिया था। प्रकाश अपने रिश्तेदार राम के साथ घर लौट रहा था। तभी जोगेशवरी-विखरोली मार्ग पर उनकी बाइक पानी से भरे एक गड्डे में फंसकर गिर गई। गड्डे की गहराई का potholesअंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रकाश और राम हवा में उछलकर काफी दूर जाकर गिरे। ज्यादा खून बहने की वजह से प्रकाश की मौत हो गई। ये गड्डा निर्माण कार्य के लिए खोदा गया था, जिसे भरने की जहमत न निजी कंपनी न उठाई और न ही महानगर पालिका ने। दादराव दोषियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन वो ये नहीं चाहते कि प्रकाश की तरह किसी और घर का दीपक सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ जाए। इसलिए सडक़ पर जहां भी उन्हें गड्डा नजर आता है वो उसे भर देते हैं। 46 वर्षीय दादराव घूम-घूमकर सब्जी बेचते हैं। वो हमेशा अपने साथ पेवर ब्लॉक, मलबा, मिट्टी आदि रखते हैं, ताकि गड्डे को तुरंत भरा जा सके।

स्पीडब्रेकर बना काल
कोल्हापुर के गडहिंग्लज निवासी नेहा चराटी के लिए 4 अक्टूबर, 2015 का दिन सबसे काला साबित हुआ। इस दिन नेहा ने एक सडक़ हादसे में अपनी मां वीणा को हमेशा के लिए खो दिया। वीणा अपने पति विवेक के साथ स्कूटर पर सवार होकर बैंक जा रही थीं। जब उनका स्कूटर नगर परिषद के पास पहुंचा तो विवेक ने देखा कि एक कार काफी तेजी से उनके पीछे आ रही है। सामने स्पीड ब्रेकर देखकर विवेक को लगा कि अब कार ड्राइवर को स्पीड कम करनी ही पड़ेगी। लेकिन ड्राइवर को शायद स्पीड ब्रेकर नजर नहीं आया और उसने विवेक के स्कूटर को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। जिससे वीणा की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि स्पीड ब्रेकर दूर से दिखाई नहीं देता। अपनी मां को खोने के गम में डूबी नेहा को जब ये बात चली तो उसने स्पीड ब्रेकर को रंगने का फैसला लिया। हालांकि इसके लिए उसे आरटीओ सहित सरकारी कार्यालयों से अनुमति लेनी पड़ी। नेहा की इस पहल के कुछ दिनों बाद प्रशासन जागा और पूरे गडहिंग्लज के गतिरोधकों को पेंट किया गया।

सुधार का प्रयास
नेहा कहती हैं, मेरी मां की मौत कार के ड्राइवर और नगर पालिका की लापरवाही के चलते हुई। अगर कार की स्पीड कम होती और स्पीड ब्रेकर रंगा होता तो शायद आज मेरी मां मेरे पास होतीं। मैं उन्हें वापस तो नहीं ला सकती, लेकिन इतनी कोशिश जरूर कर सकती हूं कि कोई और लापरवाही का शिकार न बने।

बेटे को श्रद्धांजलि
दादराव कहते हैं, बेटे के जाने के बाद परिवार की खुशियां चली गईं। उसकी कमी जिंदगी भर खलती रहेगी। सडक़ों की गड्डे भरकर मैं अपने बेटे को श्रद्धांजलि देता हूं और ये सुनिश्चित करने की कोशिश करता हूं कि किसी दूसरे को सरकारी लापरवाही के चलते अपनी जान न गंवानी पड़े। मैं ताउम्र ऐसे ही गड्डे भरता रहूंगा।

क्या से क्या हो गईं Mamta

कुछ सालों पहले तक बॉलीवुड का सबसे सेक्सी चेहरा मानी जाने वालीं Mamta कुलकर्णी आजकल केन्या में दिन गुजार रही हैं। ममता की जो तस्वीरें सामने आई हैं, mamtaउसे देखकर विश्वास करना मुश्किल है कि एक जमाने मे इस अभिनेत्री ने फिल्मी दुनिया में आग लगा दी थी। ममता काफी लंबे समय से खबरों से गायब थीं। अब जाकर उनके बारे में कुछ जानकारी हासिल हो सकी है। पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ने केन्या में भारतीय मूल के व्यापारी उरू पटले के साथ मिलकर एक प्रोडक्शन कंपनी शुरू की है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि ममता केन्या में नाम बदलकर रह रही हैं। मामूम हो कि ममता और उनके पति विजय गोस्वामी को पुलिस ले ड्रग्स तस्करी के आरोप में 2014 में गिरफ्तार किया था, उसके बाद दोबारा उनके बारे में सुनने को कुछ नहीं मिला। ममता बॉलीवुड में एक बिंदास अभिनेत्री के रूप में जानी जाती थीं। हॉट सीन देने में उन्हें कोई परहेज नहीं था। उनके एक पोस्टर ने धमाल मचा दिया था, जिसमें वो टॉपलेस थीं और उन्होंने केवल हाथों से स्तन ढंके हुए थे।