पूरी रात जागते रहे पीएम, पानी तक नहीं पिया

भारतीय सेना उधर पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों का सफाया कर रही थी, इधर दिल्ली में प्रधानमंत्री की बेचैनी बढ़ रही थी। पीएम खुद पूरे अभियान पर नजर रखे हुए थे। जब तक सेना सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर वापस नहीं लौट आई तब तक पीएम न सोए, न ही उन्होंने एक बूंद पानी पिया। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी रात टहलते हुए गुजारी। पीएम के साथ साथ सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह, अजीत डोभाल को भी सेना के हर मूवमेंट की जानकारी थी। डीजीएमओ द्वारा पीएम modiको पल पल का अपडेट दिया जा रहा था। जब यह साफ हो गया कि सेना का अभियान सफल रहा, तब कहीं जाकर मोदी ने राहत की सांस ली।

एक हफ्ते से बन रही थी रणनीति
सेना कब, कहां और किस समय धावा बोलेगी यह पहले से ही तय था। एक हफ्ते से इस अभियान की रणनीति तैयार की जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, जब सेना को पीओके में आतंकियों की जमावड़े की पुख्ता जानकारी मिली तो सेनाध्यक्ष और रक्षामंत्री ने सबसे पहले पीएम को इससे अवगत कराया। पीएम ने कुछ चुनिंदा अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर कई राउंड बैठकें कीं। सारी संभावानाओं को तलाशा गया और नफे नुकसान के आकलन के बाद पीएम ने सेना को अभियान को अमल में लाने की मंजूरी दी।

आहत थे पीएम
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, उरी हमले के बाद से प्रधानमंत्री बेहद आहत थे और पाकिस्तान को इसका जवाब देना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों से सुझाव भी मांगे थे। कूटनीतिक स्तर पर पाक को घेरने की कोशिशों से मिली सफलता से पीएम खुश तो थे, लेकिन उन्हें कहीं न कहीं लग रहा था कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पड़ोसी को सख्त संदेश देने की जरूरत है। इसलिए जब पीओके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर मिली तो पीएम ने संभावनाएं तलाशने के बाद सेना को सर्जिकल स्ट्राइक की अनुमति दे दी।

अब जहन्नुम में जिहाद करेंगे आतंकवादी

  • सेना के अभियान से देश में जश्न का माहौल

भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक ने 38 आतंकवादियों को जहन्नुम में पहुंचा दिया है। साथ ही 9 पाक सैनिकों की भी मौत हुई है। बुधवार रात को अंजाम दिए गए इस स्ट्राइक में भारतीय सेना ने पीओके में चल रहे 7 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस अभियान में 150 जवान शामिल थे। इस अभियान को पूरी तरह गुप्त रखा गया, पाक सेना को तब तक इस बारे में पता चला जब indian-armyभारत ने जानकारी दी। सेना के जवान हेलीकॉप्टर से पीओके में उतरे और दो किलोमीटर की दूरी रेंगकर पूरी की। उधर, पाकिस्तान इस हमले से पूरी तरह बौखला गया है। इस बात की पूरी आशंका है कि वो किसी बड़े पलटवार को अंजाम दे। इसके मद्देनजर सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जवानों की छुट्टियां रद्द हो गई हैं। इतना ही नहीं वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में आम नागरिकों के शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। पंजाब में स्कूल कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं।

4 बजे तक सब साफ
भारतीय सेना ने एलओसी पर मौजूद सात आतंकी लॉन्चपैड खत्म कर दिए। ऑपरेशन को बारामूला, राजौरी और कुपवाड़ा में तैनात सेना की 19, 25 और 28 डिविजन्स के जवानों ने अंजाम दिया। ऑपरेशन बुधवार रात साढ़े 12 बजे शुरू और सुबह 4 बजे तक चलता रहा। सेना को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी सूरत में 4 बजे तक ऑपरेशन खत्म हो जाना चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सात दिन तक पूरी प्लानिंग की गई। ये हमले हॉटस्प्रिंग, केल और लिपा सहित चार सेक्टर में किए गए।

फिर करेंगे हमला
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गृहमंत्रालय में हुई सर्वदलीय बैठक में डीजीएमओ ने साफ कर दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो इस तरह के और भी हमलांे को अंजाम दिया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों ने सेना के इस अभियान की तारीफ की है। सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दे दिए हैं कि वो आतंकवाद को अब बर्दाश्त नहीं करेगा।

जश्न का माहौल
सेना की इस कार्रवाई को लेकर पूरे देश में जश्न का माहौल है। आगरा में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपनी खुशी का इजहार किया। शहर के सदर बाजार इलाके में शाम के वक्त लोग जमा हुए और आतिशबाजी के साथ मिठाइयां भी बांटी गईं। इसी तरह राजस्थान में भी लोग सड़कों पर उतरे। छत्तीसगढ़ में सेना की कार्रवाई का जश्न मनाया गया। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर किसी त्यौहार की तरह एक दूसरे को बधाई दी।

कश्मीर ही नहीं POK भी हमारा

कश्मीर पर पाकिस्तान को करार जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाक अधिकृत कश्मीर (POK) को भी भारत का हिस्सा बताया है। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। पिछले एक pokमहीने से कश्मीर में चल रही हिंसा के मुद्दे पर शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पीएम ने कहा, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के अलावा पीओके भी भारत का अभिन्न अंग है। मोदी ने पाकिस्तान को लताड़ लगाते हुए कहा कि कश्मीर में अशांति की जड़ सीमा पार का आतंकवाद है, जिसे पड़ोसी देश से प्रोत्साहन मिलता है। पाकिस्तान कितना भी झूठ बोले, दुनिया उसके दुष्प्रचार को कभी स्वीकार नहीं करेगी। अब समय आ गया है पाक को दुनिया के सामने बलूचिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में लोगों पर हो रहे अत्याचार का जवाब देना होगा।

पाक मुस्लिम देशों की शरण में
पाकिस्तान ने कश्मीर पर समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पाक अब मुस्लिम देशों की शरण में गया है। वह यह साबित करने में लगा है कि भारत कश्मीर में हिंसा को बढ़ावा दे रहा है। इससे पहले पाकिस्तान यूएन से लेकर पश्चिमी देशों तक से कश्मीर का रोना रो चुका है। हालांकि ये बात अलग है कि किसी ने उसकी नहीं सुनी।