Bharat Ratna: प्रधानमंत्री जिन्होंने खुद ही अपना नाम भेज दिया!

भारत रत्न (Bharat Ratna) और उससे जुड़े किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक प्रधानमंत्री ऐसे भी थे जिन्होंने इस सम्मान के लिए स्वयं ही अपने नाम की सिफारिश की थी. दरअसल यह किस्सा 1955 के दौर का है. जवाहरलाल नेहरु उन दिनों देश के प्रधानमंत्री हुआ करते थे. 15 जुलाई 1955 को नेहरु को भारत रत्न से नवाजा गया था. नियम के अनुसार प्रधानमंत्री हर साल भारत रत्न के लिए राष्ट्रपति के पास कुछ प्रस्ताव भेजते हैं. राष्ट्रपति जिस पर मुहर लगाते हैं उसे भारत रत्न दिया जाता है.

पंडित नेहरु ने इस सम्मान के लिए खुद की राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद से अपने नाम की सिफारिश की थी. प्रधानमंत्री रहते हुए नेहरु को भारत रत्न कैसे मिल सकता है, इसे लेकर कई बार सवाल उठाए गए. सूचना के अधिकार के तहत यह बात सामने आई कि राष्ट्रपति डॉ. प्रसाद ने तय किया था नेहरु को भारत रत्न मिलना चाहिए. यानी नेहरु ने खुद अपने नाम की सिफारिश की थी, क्योंकि नियम के अनुसार तो प्रधानमंत्री ही राष्ट्रपति को नाम सुझाते हैं.

‘आज का खबरी’ की खबर पर मुहरः ट्रंप बने अमेरिकी राष्ट्रपति

डोनल्ड ट्रंप सारे समीकरणों का गलत साबित करते हुए अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बन गए हैं। उन्होंने डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को बड़े अंतर से हरा दिया है। उन्हें 276 इलेक्ट्रॉल वोट मिले हैं, जबकि हिलेरी क्लिंटन 218 पर ही सिमटकर रह गईं। सबसे पहले आज का खबरी ने प्रारंभिक वोटिंग के बाद बताया था कि ट्रंप के जीतने की संभावना प्रबल हो गई है। ट्रंप की जीत में फ्लोरिडा, uspresidentउत्तरी कैरोलिना तथा ओहायो जैसे अहम राज्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हिलेरी की हार के साथ ही अमेरिका के 240 साल के इतिहास में प्रथम महिला राष्ट्रपति बनने का सपना भी टूट गया है।

कहां मिली जीत
ट्रंप को ऊटा, आयोवा, फ्लोरिडा, उत्तरी कैरोलिना, दक्षिण कैरोलिना, केन्टकी, वेस्ट वर्जीनिया, इंडियाना, ओकलाहोमा, टेनेसी, अलाबामा, मिसीसिपी, टेक्सास, कन्सास, व्योमिंग, उत्तरी डकोटा, दक्षिणी डकोटा, अरकान्सास, नेब्रास्का, लूसियाना, मोन्टाना, ओहायो, मिसूरी, जॉर्जिया तथा इदाहो राज्यों में जीत हासिल हुई। दूसरी ओर, हिलेरी क्लिंटन को वरमॉन्ट, डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया, मैसाच्यूसेट्स, मेरीलैंड, डेलावर, इलिनॉयस, रोड आईलैंड, न्यूजर्सी, न्यूयार्क, कनेक्टिकट, न्यू मैक्सिको, वर्जीनिया, कोलोराडो, कैलिफोर्निया, ओरेगॉन, वॉशिंगटन, नेवाडा तथा हवाई में जीत मिली।

सबसे दोस्ती करेंगे
चुनाव जीतने के बाद ट्रंप ने कहा, हम लोगों से दुश्मनी नहीं दोस्ती करना चाहते हैं। मेरा अमेरिकी जनता से वादा है कि हम अच्छा काम करेंगे। ट्रंप ने भारतीयों को अपनी जीत के लिए धन्यवाद दिया। अपने भाषण में ट्रंप हिलेरी का जिक्र करना भी नहीं भूले, उन्होंने कहा, हिलेरी ने मुझे फोन पर बधाई दी है। वो बेहद ताकतवर महिला और प्रतियोगी हैं।

पाकिस्तान में चिंता
ट्रंप की जीत के साथ ही पाकिस्तान में चिंता का माहौल है। ट्रंप ने प्रचार अभियान में कहा था कि यदि उनकी सरकार बनती है तो वो पाक को लेकर नीतियों में परिवर्तन किया जाएगा। माना जा रहा है कि ट्रंप पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद करने के साथ ही आतंकवाद को लेकर कड़ा रुख अपना सकते हैं। पाक मीडिया का भी मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने से पाक और अमेरिका के संबंधों में खटास आने की आशंका है।

ट्रंप को भी याद आए मोदी

अमेरिकी राष्ट्रपति की दौड़ में पिछड़ते नजर आ रहे डोनल्ड ट्रंप को अब भारत के साथ की जरूरत महसूस होने लगी है। ट्रंप ने कहा है कि यदि वो अमेरिकी राष्ट्रपति बनते हैं तो अमेरिका और भारत सबसे अच्छे दोस्त होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के लिए कोई कूटनीतिक रिश्ता भारत से ज्यादा अहम नहीं होगा। इतना ही नहीं ट्रंप ने मोदी की भी जमकर तारीफ की है। माना जा रहा है कि ट्रंप की यह कवायद अपने लिए समर्थन हासिल करना है। अमेरिका में भारतीयों की अच्छी खासी तादाद है, ट्रंप चाहते हैं कि donaldtrumpवो उनका साथ दें। इसलिए कल तक भारत के प्रति अस्पष्ट भाव रखने वाले ट्रंप एकदम से भारत समर्थक बन गए हैं।

“मैं हिंदुओं का फैन”
न्यूजर्सी में रिपब्लिकन हिंदू कोआलिशन फेंडरेजर के दौरान बोलते हुए ट्रंप ने कहा, मैं ऊर्जावान मोदी के साथ मिलकर रिश्तों को आगे बढ़ाना चाहता हूं। हम हम बेहतर की जगह बेहतरीन दोस्त होंगे। मैं हिंदुओं का बड़ा फैन हूं, मैं भारत का बड़ा फैन हूं। यदि मैं चुना गया तो भारतीय और हिंदू समुदायों का सच्चा हितैषी व्हाइट हाउस में होगा।

पहले का रुख
गौरतलब है कि ट्रंप अमेरिकी नौकरियों के अमेरिका से बाहर जाने के लिए ओबामा प्रशासन की निंदा करते रहे हैं। ट्रंप ने पहले साफ किया था कि अगर वो चुने जाते हैं तो अमेरिकों के हक पर किसी और को अधिकार जमाने नहीं दिया जाएगा। उनका सीधा इशारा अमेरिका में रहने वाले विदेशियों और आउटसोर्सिंग की तरफ था। इसी के चलते भारतीयों में बेचैनी बढ़ गई थी।

ओबामा को गाली देने वाले दुतेर्ते और विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को गाली देने वाले फिलीपींस के राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतेर्ते विवादों में रहने के आदी हैं। मालूम हो कि दुतेर्ते ने पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र की तर्ज पर नया अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाने की धमकी दी थी। उन्होंने ओबामा को मां की obamaगाली देते हुए कहा था कि जब ओबामा उनसे लाओस में मिलें तो मानवाधिकार पर लेक्चर न दें। इसके बाद ओबामा ने लाओस में होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन में फिलीपींस के राष्ट्रपति से मिलने से इंकार कर दिया। हालांकि दुतेर्ते इसके लिए माफी मांग चुके हैं। नशे के सौदागरों के खिलाफ युद्ध को दुतेर्ते ने नया मोड़ देते हुए कहा था यदि संयुक्त राष्ट्र ने उसे रोकने की कोशिश की तो फिलीपींस यूएन से अलग होकर नया संगठन बनाएगा।
द पनिशर
हिंसा के विरुद्ध के कड़े रवैये के चलते उन्हें द पनिशर के नाम से भी पहचाना जाता है। दुतेर्ते ने ड्रग तस्करों को मारने पर सुरक्षा बलों और आम लोगों के लिए इनाम की घोषणा भी की है। इतना ही नहीं वे भ्रष्ट पत्रकारों की हत्या की वकालत भी कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि वो दुतेर्ते के बयानों से परेशान हैं। दुतेर्ते पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला रिपोर्टर को सीटी मारने का भी आरोप है। वह इसी साल जून में फिलीपींस के राष्ट्रपति नियुक्त हुए थे।