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Neeraj Nayyar – नीरज नैयर
वरिष्ठ संवाददाता

लोकमत सहित कई अखबारों में काम कर चुके नीरज नैयर ने पत्रकारिता की शुरुआत आज समाचारपत्र, आगरा से की। नीरज के लिए पत्रकारिता महज खबरें छापना नहीं बल्कि उनके माध्यम से समाज में परिवर्तन लाना है। अपने अब तक के करियर में उन्होंने समाज के कमजोर तबके की आवाज को बुलंद किया। इसके अलावा नीरज भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ भी अपनी कलम चलाते रहे हैं। पुणे में लोकमत समाचार के साथ कार्य करते वक्त उन्होंने रेलवे और पुलिस से जुड़ी कई ऐसे खबरें उजागर की, जिसने सरकारी तंत्र में बस चुके भ्रष्टाचार और कुरुतियों को एक बार फिर सबके सामने लाया। नीरज जिन बातों को अपने पाठकों तक पहुंचाते हैं, उन्हें खुद भी आत्मसात करना नहीं भूलते, जैसे कि यातायात नियम। पत्रकारिता के साथ-साथ नीरज को जानवरों से भी बहुत प्यार है।

अनुज स्माइल Anuj Ismail
वरिष्ठ संवाददाता (कनाडा)

मूलरूप से बिहार निवासी अनुज पुणे में पढ़ाई के लिए आए और यहीं से उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की। गलत के खिलाफ आवाज उठाने के अपने साहस के चलते उन्होंने कम्प्यूटर क्षेत्र को अलविदा कहकर पत्रकारिता को अपनाया। वो डेली न्यूज नेटवर्क और मिड डे सहित कई अंग्रेजी अखबरों में सेवाएं दी। यहां उनकी पहचान एक ऐसे पत्रकार के रूप में बनी जो खबर के लिए कभी भी, कहीं भी जा सकता है। नई-नई चुनौतियों और जिम्मेदारियों का सामना करना इन्हें काफी पसंद है। इसलिए प्रबंधन की पढ़ाई के लिए कनाड़ा चले गए, लेकिन पत्रकारिता से मोह नहीं छूट सका।

रिया कुमार Riya Kumar
लाइफस्टाइल संपादक

गजब की भाषाशैली और व्यक्तित्व के चलते रिया जल्द ही लोगों की नजरों में छा जाती हैं। जीवन जीने के तौर तरीके, स्वस्थ लाइफ स्टाइल और फैशन पर अपने विचार लोगों तक पहुंचाना उन्हें बेहद पसंद है। रिया को झूठ से उतनी ही नफरत है, जितनी की मठरी से। जहां भी कुछ गलत होते देखती हैं, उसके खिलाफ आवाज उठाना नहीं भूलतीं। यहां तक कि अगर कोई सडक़ पर कचरा फेंक दे तो उससे वो कचरा उठवाकर ही दम लेती हैं। रिया को बचपन से ही लिखने का शौक रहा है।

प्रवीण मराठा Praveen Maratha
वरिष्ठ डिजाइनर

प्रवीण अपनी जादूगरी कई अखबारों में दिखा चुके हैं। उनके काम करने की गति को देखकर सहकर्मी उन्हें माइकल शूमाकर बुलाते हैं। प्रवाीण को किसी भी खबर को डिजाइन करने में मुश्किल से चंद मिनटों का समय लगता है। प्रवीण उन लोगों में शुमार हैं, जिनके पास काम की कोई कमी नहीं, उल्टा उन्हें लोगों को मना करना पड़ता है। डिजाइनिंग के साथ-साथ अब वे लेखन में भी खुद को स्थापित करने की कोशिशों में मशगूल हैं।

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