Travel: गोवा जा रहे हैं तो इसे जरूर पढ़ लें

नए साल के मौके पर गोवा में सैलानियों का जमावड़ा लगता है। यदि आप भी 2017 की शुरुआत गोवा से करना चाहते हैं, तो कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहतर होगा। वरना आपके जश्न में खलल पड़ सकता है। गोवा जाने वाले अधिकतर लोगों की कोशिश यही होती है कि उन्हें प्रसिद्ध कलंगुट (Calangute) बीच के आसपास कोई होटल मिल जाए। कुछ लोग बीच रिसॉर्ट को भी तवज्जो देते हैं। क्योंकि यहां आपके दिन की शुरुआत ही समुद्र की लहरों को निहारते हुए होती है। वैसे तो गोवा में कुल 35 से 40 बीच रजिस्टर हैं, लेकिन कलंगुट को सबसे हैपनिंग बीच माना जाता है। हालांकि अब इस बीच पर इतनी भीड़ रहने लगी है कि यह दिल्ली या मुंबई के किसी व्यस्त बाजार जैसा लगता है। कलंगुट की सड़कों पर ट्रैफिक जाम अब आम हो चला है। यहां गोवा टूरिज्म के दो होटल हैं, इसमें से एनेक्सी से समुद्र तट तक पहुंचने के लिए आपको भीड़ को चीरना होगा। होटल से बाहर का जो नजारा पहले खुला खुला नजर आता था, अब वो पूरी तरह से वाहनों से पट गया है। आलम ये है कि शहर के दूसरे हिस्सों से यहां आने वालों को कई बार टू व्हीलर के लिए भी पार्किंग नहीं मिलती।

बीच पर बुल फाइट
बीच पर पहुंचने के बाद भी आपको भीड़ से छुटकारा नहीं मिलेगा। यहां आने वालों की संख्या इतनी ज्यादा है कि आप समुद्र की खूबसूरती को अपने मन में नहीं बसा पाएंगे। बीच पर आवारा जानवरों की बुल फाइट भी कभी कभी आपको देखने को मिल जाएगी। जिससे भदगड़ का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके अलावा कलंगुट बीच पर गंदगी भी काफी अधिक है।

कैंडोलिम (Candolim) बेहतर विकल्प
अगर आपको गोवा की खूबसूरती का सही मायनों में लुत्फ उठाना है, तो कैंडोलिम बीच रुकने के लिहाज से बेहतर विकल्प हो सकता है। यहां सस्ते महंगे कई होटल हैं, इसके अलावा गेस्ट हाउस और पेइंग गेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध है। बड़े परिवारों के लिए कुछ होटल वन बीएचके, टू बीएचके फ्लैट भी किराए पर देते हैं। सबसे खास बात यह है कि कैंडोलिम बीच पर कलंगुट की अपेक्षा भीड़ काफी कम है। इसलिए आपको समुद्र के करीब पहुंचने या उसका दीदार करने के लिए मारामारी नहीं करनी होगी। यहां ट्रैफिक भी अपेक्षाकृम कम है। वैसे, बाघा बीच भी कलंगुट के मुकाबले बेहतर है।

पर्याप्त कैश लेकर जाएं
गोवा जाते वक्त पर्याप्त कैश साथ ले जाना न भूलें। क्योंकि यहां अब भी अधिकतर रेस्त्रां, होटलों में कार्ड पेमेंट नहीं स्वीकारा जाता। छोटे बड़े ज्यादातर विक्रेता डिजिटल पेमेंट से दूरी बनाए हुए हैं। खासकर समुद्र किनारे के रेस्त्रां न तो कार्ड स्वीकारते हैं और न ही उन्होंने पेटीएम जैसा कोई विकल्प अपनाया है। कलंगुट में जो एक दो बीच साइड रेस्त्रां कार्ड से पेमेंट ले रहे हैं, उन्होंने अपने रेट दो से तीन गुना तक बढ़ा दिए हैं। यहां हर चीज के लिए आपको कैश ही देना होगा, फिर चाहे वॉटर स्पोर्ट्स हो या खाना पीना।

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