VERU के बारे में यह जानते हैं?

भारतीय क्रिकेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। जहीर खान के सन्यास की घोषणा करने के बाद चर्चाए शुरू हो गईं थी कि क्या सहवाग भी अब अपनी पारी को विराम देंगे। सहवाग ने आईपीएल के भी गुडबाय कह दिया है। यानी अब चाहने वालों को VERU की करिश्माई बल्लेबाजी देखने के लिए केवल पुराने फुटेज का ही सहारा लेना पड़ेगा। यहां हम आपको बता रहे हैं सहवाग के जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें:

  1.  सहवाग जितनी तेजी से बल्ला चलाते थे, ड्रेसिंग रूप में उतनी ही तेजी से जवाब भी देते थे। हालांकि बेवजह चर्चा में शामिल होना उन्हें पसंद नहीं था।
  2. सहवाग को बिल्कुल भी अsehwagच्छा नहीं लगता था कि ड्रेसिंग रूम में कोई उनका सामान छुए। इस बात को लेकर कई बार कई खिलाडिय़ों को उनकी नाराजगी का भी सामना करना पड़ा। इसलिए नए खिलाडिय़ों को वीरू के सामान से दूर रहने की सलाह दी जाती थी।
  3. मैदान पर बड़ी पारी खेलने के बाद भी सहवाग जश्न में ज्यादा वक्त गंवाने के बजाए अगली पारी की तैयारी करने में जुट जाया करते थे। अगर वो जल्दी आउट हो जाते तो कुछ देर ड्रेसिंग रूम में अकेले बैठते और फिर बार-बार अपने आउट होने का फुटेज देखकर गलती समझने की कोशिश करते।
  4. वैसे तो सहवाग की गिनती मिलनसार खिलाडिय़ों में होती है, लेकिन सचिन तेंदुलकर को छोडक़र किसी से अपने दिल की बात नहीं करते थे। सचिन मैदान पर सहवाग के गार्जिन की भूमिका निभाते थे।
  5. सहवाग सुनते सबकी थे, लेकिन करते अपने मन की। वो पहले से ही तय कर लेते थे कि कौनसी गेंद पर प्रहार करना है। दबंग के चुलबुल पांडे की तरह अगर एक बार वीरू ने कुछ तय कर लिया तो फिर उसे खुद वीरू भी नहीं बदल सकते थे।
  6. सचिन तेंदुलकर भी इस मामले में सहवाग को कुछ समझाने में नाकाम ही रहे। मैदान पर जब विरोधी वीरू को भडक़ाने की कोशिश करते तो सचिन उन्हें शांत रहने की सलाह देते, मगर ये सलाह एक-दो गेंद से ज्यादा तक वीरू पर असर नहीं करती।
  7. ड्रेसिंग रूम से पिच तक का सफर तय करने के दौरान वीरू की जुबान पर केवल अपनी मां और भगवान का नाम होता था। हर सफल शॉट के बाद वो भगवान का शुक्रिया अदा करना नहीं भूलते।
  8.  सहवाग ने 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की। उन्होंने वनडे की 245 पारियों में 8,273 रन बनाए। वीरू ने वनडे में 15 शतक और 38 अर्दशतक लगाए। वनडे में उनका बेस्ट 219 और टेस्ट में 319 रन है।
  9. जिस टेस्ट और वनडे मैच में सहवाग ने वल्र्ड रिकॉर्ड बनाया, उसमें भी उनसे संभलकर खेलने की सलाह दी गई थी। जब सहवाग ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शुरू की तो ड्रेसिंग रूम से उन्हें संयम बरतने का संदेश भी भिजवाया गया, लेकिन वीरू ने अनसुना कर दिया।
  10. जब सहवाग बल्लेबाजी करने जाते तो ड्रेसिंग रूम में खिलाडिय़ों के बीच शर्त लगती कि किस गेंदबाजी की सबसे ज्यादा धुनाई होगी।
  11. सहवाग का हाथ अंग्रेजी में तंग था, इसलिए जब विदेशी धरती पर वो अच्छी पारी खेलते तो उन्हें इस बात का डर भी होता कि सेरेमनी में अंग्रेजी सवालों की बाउंसर का सामना वो कैसे कर पाएंगे।
  12. सहवाग के इस डर को दूर करने में उनकी पत्नी अंजली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सहवाग जब मैच नहीं खेल रहे होते तो घर में उनकी अंग्रेजी की क्लास चल रही होती। लगातार अभ्यास के चलते ही सहवाग अंग्रेजी में भी क्रिकेट की तरह विस्फोटक पारी खेलने लगे।

 

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