Muslim होने का रोना क्यों?

बॉलीवुड अभिनेता नसीरूद्दीन शाह इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए हैं। हालांकि इस बार उनकी चर्चा अदाकारी को लेकर नहीं बल्कि उनके शब्दों को लेकर हो रही है,muslim जो उन्होंने पूर्व पाकिस्तानी विदेशमंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब के विमोचन कार्यक्रम में मचे हंगामे के बाद कहे। शाह ने कहा “मुझे मुस्लिम होने के चलते निशाना बनाया जा रहा है। अगर मेरा नाम नसीरूद्दीन शाह की जगह कुछ और होता तो खबर नहीं बनती”। इस बात में कोई दोराय नहीं कि विमोचन कार्यक्रम के दौरान जो कुछ भी हुआ, उसे सही नहीं कहा जा सकता, लेकिन क्या जो नसीरूद्दीन शाह कह रहे हैं वो सही है? जब अपनी अदाकारी के लिए उन्हें पुरस्कार-दर-पुरस्कार मिले तब उन्होंने मुस्लिम होने का हवाला क्यों नहीं दिया।

शाह की तरह कुछ और स्टार भी हैं जो इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं, सैफ अली खान ने भी कुछ वक्त पहले कहा था ” मुस्लिम होने की वजह से घर नहीं मिलता, इसीलिए किसी दिक्कत से बचने के लिए मैं सीधा एक मुस्लिम बिल्डर के पास चला गया”। सैफ ये भी मानते हैं कि मुंबई में सांप्रदायिक अलगाव एक हकीकत है, और यह समस्या सिर्फ बिल्डिंग सोसायटीज तक ही सीमित नहीं है बल्कि यहां के पूरे समाज में है। यह सभी को पता है कि मुंबई के जुहू और बांद्रा के इलाकों में जमीन और मकान मुसलमानों को नहीं बेचे जाते। मुझे देखकर आश्चर्य होता है कि कुछ लोगों के लिए धर्म कितना मायने रखता है और धर्म को लेकर लोग कितने कट्टर हैं। सच्चाई यह है कि एक गंदी मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है और यही बात इस्लाम पर लागू होती है।

सिने अदाकारा एवं समाज सेविका शबाना आजमी ने भी ऐसे ही आरोप लगाए थे, इसके अलावा कई अन्य स्टार भी हैं जो खुद को मुस्लिम होने की वजह से प्रताडि़त महसूस करते हैं। ये बात सही है कि मुंबई के अंधेरी और बांद्रा इलाकों में मुस्लिम कलाकारों को घर खरीदने में हमेशा से दिक्कतें आती रही हैं, कहा जाता है कि सोफी चौधरी को तो मकान खोजने में दो साल लग गए थे, इस दौरान कई बार ऐसा हुआ था कि डील तकरीबन फाइनल हो चुकी थी लेकिन डीलर को जैसे ही पता चला कि सोफी Muslim हैं डील कैंसल हो गई। अरबाज अली खान को बांद्रा के पेरी ॉस रोड पर मकान देने से मना कर दिया गया था, इसी तरह से जीनत अमान को जुहू में मकान खरीदने के लिए तकरीबन तीन महीने तक जूझना पड़ा, लेकिन ये भी सही है कि सलमान जैसे अल्पसंख्य समुदाय से जुड़े कई स्टार आराम से बिना किसी दिक्कत के साथ मुंबई में रह रहे हैं.

शाहरुख भी पीछे नहीं
शाहरुख खान भी इस लिस्ट में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कुछ वक्त पहले कहा था, “मुस्लिम होने की वजह से मुझे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, कई बार बेवजह वो नेताओं के निशाने पर आ जाता हूं”। वो यहां तक कह गए थे कि उन्हें भारत से ज्यादा पड़ोसी मुल्क के प्रति भावनाएं रखने वाला समझा जाता है। इस बयान के बाद आतंकी संगठन लश्कर के तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद ने खान को पाक में बसने का न्यौता दे डाला। उम्मीद की जा रही थी कि शाहरुख सईद को कोई माकूल जवाब देंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

तमाम बुद्धिजीवियों से हमारा यही निवेदन है कि हर बात को जाति-धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. और भी लोग हैं, जिन्हें परेशानी होती है पर वो तो कभी इस आधार पर रोना नहीं रोया करते।

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